इटारसी। संकल्प जन सेवा समिति द्वारा ठोस एवं कृषि उत्पाद जनित अपशिस्ट पदार्थों और नरबाई से होने वाले प्रदूषण शमन हेतु नवाचार प्रयासों और आर्थिक नीतियों की भूमिका पर समीक्षा हेतु कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में तकनीकी क्षेत्रीय प्रतिभागियों, जन प्रतिनिधियों एवं सूचना-संचार पेशेवरों के साथ सामुदायिक सहभागिता को सुनिश्चित कर कृषिजनित, प्रदूषणों के आमजन पर प्रभाव एवं दुष्परिणामों की व्याख्या की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वैश्विक धरातल पर उपयुक्त तकनीकी एवं नीतिगत आर्थिक सुझावों के द्वारा न केवल इटारसी शहर अपितु राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं स्वच्छता मुद्दों के व्यापक प्रसार एवं संरक्षण के प्रयासों में अपना योगदान देना था।
कार्यक्रम में मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पूर्व सदस्य डॉ. एमएल गुप्ता, एप्को के पूर्व निदेशक डा. यूआर सिंह, संकल्प जन सेवा समिति अध्यक्ष एवं भारतीय गुणवत्ता परिषद् नाबेट द्वारा अनुमोदित सामाजिक, आर्थिक सलाहकार मनीष उपाध्याय, सीमा कैथवास, सचिव अमन चुघ, संयोजक प्रशांत मौर्या, ओडीएफ विशेषज्ञ मुकेश मेहरा, साधु वासवानी कॉलेज बैरागढ़ के प्रो. डॉ. अनुपम सेलोट, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अनिता संगरिया, बीएस तिवारी एवं अन्य उपस्थित थे। तकनीकी सत्र में डॉ. गुप्ता ने उन्नत कृषि हरित धरती एवं मानव विकास हेतु सभी प्रकार के अपशिष्ट प्रबंधन के उपायों के विषय में बताया। वरिष्ठ सामजिक कार्यकर्ता श्री तिवारी ने स्वच्छ भारत मिशन के प्रयासों द्वारा पृथ्वी संवर्धन हेतु भूमिका पर चर्चा की। संस्था अध्यक्ष मनीष उपाध्याय ने स्वच्छ भारत मिशन प्रयासों की ओर ध्यान इंगित कर इटारसी को स्वच्छता में नंबर वन बनाने योगदान की अपील की। एप्को के पूर्व निदेशक डॉ.यूआर सिंह ने भारतीय गुणवत्ता परिषद् द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण के तय तकनीकी मानकों की व्याख्या की।
कृषि अपशिष्टों को जलाने से होने वाले दुष्परिणामों की व्याख्या
For Feedback - info[@]narmadanchal.com







