इटारसी। पथरोटा निवासी एक किसान के जिलवानी अंतर्गत खेत में खड़ा तीन एकड़ गेहूं महज पंद्रह मिनट में जलकर राख बन गया। ग्राम कुबड़ाखेड़ी से सटे खेत में यदि ग्रामीण नहीं पहुंचते तो आग आसपास के सैंकड़ों एकड़ में फैल सकती थी। गांव की महिलाओं और बच्चों ने साहस का परिचय दिया और हरी झाडिय़ों और पत्तों के सहारे आग पर काबू पा लिया। आठ एकड़ के खेत में तीन एकड़ फसल जली, शेष बचा ली गई।
घटना सुबह करीब 11:30 बजे की है जब गांव की ही महिलाएं गनेशीबाई, विमला, रामवती, ललिता सहित अन्य पथरोटा के शैलेष पटेल के खेत में हसिंए से फसल की कटाई कर रही थीं कि तालाब तरफ से अचानक आग शुरु हुई, महिलाएं अचानक लगी आग से घबराई नहीं, उन्होंने आसपास से हरी झाडिय़ों तोड़ी और आग की तरफ लपककर बुझाना शुरु कर दिया। इसी बीच गांव से भी महिलाएं, पुरुष बच्चे दौड़े और उन्होंने भी झाडिय़ों से आग को फैलने से रोकना शुरु किया। करीब पंद्रह मिनट की कवायद के बाद आग पर काबू पा लिया। यह क्षेत्र जिलवानी के अंतर्गत आता है। सूचना मिलने पर तहसीलदार आईएएस संस्कृति जैन, कदीर खान भी पहुंचे और जानकारी ली। इसी बीच पटवारी हर्षिता भी पहुंच गई। उन्होंने आगजनी में हुए नुकसान की जानकारी ली तथा बयान लिए। आगजनी की जानकारी मिलने पर जिला पंचायत सदस्य बाबू चौधरी ने भी फायर ब्रिगेड को खबर की और वे भी मौके पर पहुंचे, लेकिन गांव के रास्ते से आने के कारण दमकल खेत तक नहीं पहुंच सकी। हालांकि तब तक आग बुझ चुकी थी, अत: बिना पानी डाले दमकल को वापस होना पड़ा।
कैसे देखते ही देखते जल गयी तीन एकड़ की खड़ी फसल
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