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गांवों के रास्ते बंद, दूध और किराना सप्लाई के लिए बनायी व्यवस्था

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इटारसी। गांव के निवासी अब कोरोना का संक्रमण अपने गांव तक न पहुंचे, इसके लिए सभी रास्तों पर नाकाबंदी कर रहे हैं। आज नाला मोहल्ले की तरफ से जाने वाला मेहरागांव का मार्ग पूर्व रोजगार सहायक जितेंद्र पटेल ने बंद कर दिया और वे स्वयं इस पर मानवता के नाते सेवा दे रहे हैं। इधर शहर के मोहल्ले और गलियां भी सील हो रही हैं। आज सिंधी कालोनी की गली नंबर 3 को यहां के लोगों ने एक तरफ से पूरी तरह से बंद कर दिया है। पाइप से गली को बंद करके लिख दिया है कि रास्ता बंद है, अंदर आने पर पिटने की संभावना है। कालोनी के लोगों ने एक साइड से ताला लगा दिया जो सुबह 8 से 11 तक खुलेगा वह भी सब्जी, कचरा गाड़ी और किराना वितरण वालों के लिए। उधर रैसलपुर जाने वाले मार्ग को ग्रामीणों ने बंद कर दिया है। प्रवेश द्वार पर हनुमान मंदिर से बस स्टाप तक एक रस्सी बांधी है। खटामा में भी ग्रामीणों ने रोक लगा दी है। विनोद बारीवा ने बताया कि शहर में शराब बंद होने से गांव में लोग शराब के लिए चक्कर लगा रहे हैं। गांव वालों ने तत्काल एक गेट बनाकर पूरी तरह से रोक दिया है।

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गांवों के ये प्रयास भी
ग्राम पंचायत जमानी ने कोरोना बीमारी से बचने कड़ी मेहनत की है। ग्राम पंचायत से जुड़े सभी गांव में सेनेटाइजर का छिड़काव किया जा रहा है। ग्रामीणों ने सबसे पहले गेट बना कर बाहरी व्यक्ति को आने से मना किया। ट्रैक्टर में पानी की टंकी रख दवाइयों का छिड़काव गांव की हर गलियों में किया जा रहा है। समाजसेवी हेमंत दुबे, सरपंच माखन इवने, सचिव ज्योति चिमनिया, सह सचिव ललित यादव ने कहा कि यह सभी पंचायतों में होना चाहिए जिससे बीमारी को रोका जा सके। शहर से सटी ग्राम पंचायत मेहरागांव के सी केबिन क्षेत्र में समाज सेवी युवाओं की टीम स्वयं के खर्च पर सी केबिन के एक-एक घर को सेनेटाइज कर रही है। ये युवा यहां रहने वालों को कोरोना से बचाव के उपाये करने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं। युवा ग्रामीणों को समझा रहे हैं कि कोरोना से बचाव के लिए बार-बार हाथ धोने हैं, आदेशों का पालन करना है, घरों में रहना है, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है। युवाओं में सचिन वर्मा, चंद्रकांत बहारे, राजकुमार भैसारे एवं स्वच्छ भारत मिशन के स्वच्छाग्रही हरिशंकर पाल कार्य कर रहे हैं।

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कुलियों ने बतायी समस्या
जहां कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने देश में टोटल लॉक डाउन है, तो वहीं कई मजदूर, मेहनतकश लोगों के घरों में चूल्हा नहीं जलने की नौबत आ गयी है। शहर के मजदूर और बेसहारा लोगों को पेट भरने के लिए शासन और समाजसेवी संस्थाएं अवश्य खाना और राशन की सुविधा उपलब्ध करा रही हैं, लेकिन संस्थाओं की संख्या कम और भूखे पेट की संख्या अधिक होने से यह प्रयास अब नाकाफी होने लगे हैं। कुछ संस्थाएं बंद हो गयी हैं, वहीं कुछ संस्थाओं के पास संसाधनों की कमी से वे पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रही हैं। ऐसे में कई मजदूरों को भूखे पेट सोना पड़ रहा है। ऐसा ही एक वर्ग है, रेलवे स्टेशन पर कुलियों का। ट्रेने बंद हैं, तो इनका काम भी बंद पड़ा है। ऐसे में कुलियों के घर खाने के लाले पड़े हैं। शनिवार को इटारसी स्टेशन पर कुली स्टाफ ने डिप्टी एसएस कमर्शियल के पास जाकर अपनी परेशानी बतायी। कुलियों ने डिप्टी एसएस कमर्शियल केके लौवंशी को अपनी समस्या बताकर कहा कि उनके पास राशन नहीं है। डिप्टी एसएस ने इस समस्या से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है।

दूध के लिए बनायी व्यवस्था
नगर पालिका ने कोविद-19 से संक्रमित क्षेत्र में जहां आवागमन प्रतिबंधित है, उन स्थानों के लिए दूध वितरण व्यवस्था की है। इन स्थानों पर पहुंचकर यहां के नागरिक उचित मूल्य पर दूध प्राप्त कर सकते हैं। नगर पालिका की ओर से जारी सूचना में बताया है कि जीन मोहल्ला में चर्च गेट के सामने सुबह 8:15 से 8:30 बजे, हाजी मंजिल क्षेत्र में गगन मेडिकल के पास सुबह 8:35 से 8:55 बजे, देशबंधुपुरा, भारतीय स्टेट बैंक तिराहे पर सुबह 9 से 9:30 बजे और गांधीनगर में सुबह 9:30 से 9:45 बजे तक दूध प्राप्त किया जा सकता है। नगर पालिका ने नंबर 93039716014 जारी किया है, जिस पर जानकारी के लिए संपर्क किया जा सकता है।

किराना सप्लाई की व्यवस्था बनायी
जनप्रतिनिधियों व किराना व्यापार महासंघ इटारसी के निवेदन पर प्रशासन शीघ्र ही आदेश जारी कर किराना दुकानदारों को होम डिलीवरी के लिए अधिकृत करेगा। किराना महासंघ के अध्यक्ष गोविंद बांगड़ और कार्यकारी अध्यक्ष पंकज राठौर, प्रकाश खंडेलवाल ने बताया कि दुकानदार अपने कर्मचारियों का आईकार्ड तहसील से लें और होम डिलीवरी करें अगर खुद डिलेवरी करना चाहते हैं तो आप अपना आई कार्ड तहसील से बनवा लें। दुकानदार स्वयं तहसील कार्यालय में जा कर अपनी या कर्मचारी की फोटो जिसका भी कार्ड बनना है। फर्म की जानकारी एवं कोई भी एक प्रमाण खाद्य लायसेंस, गुमाश्ता भी साथ लेकर जायें। व्यापारी संभव हो तो अपने नाम, अगर वो खुद सप्लाय करता है तो फर्म से डिलेवरी अनुमति कार्ड बनवाये। कर्मचारी से सप्लाय करता है तो उसके नाम का कार्ड बनवाये कर्मचारी के न आने की सूरत में उसका कार्ड अपने पास जमा कर लें, जिससे उसका दुरुपयोग न हो। दुकानें नहीं खुलेंगी, दुकानों से ग्राहक को सामान नहीं देंगे। यह सिर्फ होम डिलीवरी के लिए ही अनुमति दी जायेगी। नियम का उल्लंघन करने पर कार्यवाही के लिए व्यापारी स्वयं उत्तरदायी होगा।

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