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ग्राम पंचायत नहीं उठा सकती पानी का खर्च

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सर्वसम्मति से लिया फैसला, पूर्ववत हो व्यवस्था
इटारसी। ग्राम पंचायत पेयजल व्यवस्था में लगने वाला खर्च वहन नहीं कर सकती। क्योंकि पंचायत के पास आय के ऐसे कोई स्रोत नहीं हैं। यदि पंचायत जलकर भी वसूलेगी तो केवल तीस हजार तक की इनकम ही हो सकेगी, जबकि पेयजल व्यवस्था में आने वाला खर्च करीब डेढ़ लाख है। इन हालात में पेयजल की व्यवस्था उस वक्त तक पूर्ववत रहे, जब तक कि ग्राम में नल-जल योजना की मंजूरी होकर वह प्रारंभ नहीं हो जाती। यह निर्णय आज ग्राम पंचायत रानीपुर में हुई विशेष ग्रामसभा में लिया गया है।
2 अक्टूबर को होने वाली ग्राम सभा उस दिन सीएम के कार्यक्रम होने के कारण नहीं हो सकी थी। विशेष ग्रामसभा का आयोजन आज किया जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं जिनको पेयजल संबंधी सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आज ग्रामसभा में जानकारी दी गई कि पेयजल पर संभावित खर्च डेढ़ लाख रुपए है, और नल कनेक्शन से यदि प्रति कनेक्शन राशि सौ रुपए भी ली जाए तो केवल 30 हजार रुपए ही संग्रह किए जा सकते हैं। इन हालात में योजना चला पाना संभव नहीं है। अत: ग्रामसभा में निर्णय लिया गया कि जब तक तवानगर में नवीन नल-जल योजना नहीं आती तब तक के सिंचाई विभाग पूर्वजत जैसे पानी की सप्लाई की जा रही थी, वैसे ही चलानी होगी।

जनपद सदस्य करेंगे आमरण अनशन
तवानगर के कुछ जनप्रतिनिधि मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर से इस मामले में मुलाकात करने गए थे, लेकिन वहां से हल निकलता दिखाई नहीं दे रहा है। आज ग्रामसभा में जनपद सदस्य मनोज गुलबाके ने घोषणा की है कि यदि पूर्ववत सिंचाई विभाग योजना नहीं चलाता है तो वे प्रदेश के स्थापना दिवस पर 1 नवंबर से आमरण अनशन करेंगे और इसमें सरपंच कौशल्या बाई, पंच और गांव की जनता सहयोग करेगी।

इनका कहना है…!

सिंचाई विभाग ने हमें पेयजल योजना का हस्तांतरण गुमराह करके किया है। हम चाहते हैं कि जल संसाधन विभाग ही जब तक यहां नल-जल योजना की शुरुआत नहीं हो जाती, इसको संचालन पूर्ववत करता रहे।
कौशल्या बाई, सरपंच

शासन के द्वारा तवानगर की पानी की समस्या को लेकर कई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, ग्रामसभा में निर्णय लेकर जनपद सीईओ के पास भेज रहे हैं। यदि बात नहीं बनी तो फिर हमारे द्वारा आंदोलन किया जायेगा।
भूपेश साहू, अध्यक्ष तवा बचाओ संघर्ष समिति

हम इस बात को लेकर प्रशासन से और बात करेंगे कि सिंचाई विभाग पानी की सप्लाई पहले की तरह करता रहे। तब तक नवीन नल-जल योजना नहीं आ जाती। क्योंकि पंचायत आर्थिक रूप से सक्षम नहीं है।
बलदेव सोनारे, पंच

यदि प्रशासन ने 31 अक्टूबर तक इस दिशा में कोई समाधान नहीं निकाला तो 1 नवंबर, प्रदेश के स्थापना दिवस से मैं इंदिरा चौक तवानगर में भूख हड़ताल पर बैठ जाऊंगा।
मनोज गुलबांके, जनपद सदस्य

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