---Advertisement---

डीसीआई को पता नहीं, जुर्माना कर गए बड़े साहब

By
On:
Follow Us

आधी रात को सीनियर डीसीएम ने किया सवा लाख का जुर्माना
इटारसी। बात कुछ हजम नहीं होती कि रेलवे स्टेशन पर अवैध खानपान को रोकने की जिम्मेदारी जिन स्थानीय अफसरों पर होती है, उनके रहते कोई बाहर से आया अफसर बड़ी कार्रवाई कर जाए और स्थानीय अफसर को भनक तक नहीं लगे। लेकिन, यह सब हुआ है और इस कार्रवाई के बाद स्थानीय अफसरों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। जब बाहर से आए हुए अफसर को इतनी गड़बड़ी मिलती है कि वो 1 लाख 30 हजार रुपए का जुर्माना कर जाता है और स्थानीय अफसर को यह सब नहीं दिखता। जरूर दाल में कुछ काला होने के संदेह को जन्म देता है। हालांकि चर्चा तो यह है कि दाल में काला नहीं बल्कि उनको तो पूरी दाल ही काली दिखी, तभी तो इतना बड़ा जुर्माना कर गए।
ऐसे निरीक्षण करके किया जुर्माना
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक भोपाल से जबलपुर जाते वक्त अचानक इटारसी स्टेशन के प्लेटफार्म पर उतरते हैं, जांच कर देते हैं और महज 20 मिनट में उनको केवल दो प्लेटफार्म पर इतनी कमियों और गड़बड़ी नज़र आ जाती है कि वे 1 लाख 30 हजार रुपए का जुर्माना विभिन्न स्टाल्स पर कर जाते हैं, लेकिन यहीं सारा दिन बैठने वाले डीसीआई को यह सब नहीं दिखता। जाहिर है, स्थानीय अधिकारियों पर अवैध वेंडरिंग को संरक्षण के जो आरोप लगते हैं, उसमें कहीं तो कुछ बात होगी। बीती रात जब सीनियर डीसीएम ने यहां जुर्माने की कार्रवाई की तो उस कार्रवाई से डीसीआई ने स्वयं को हटा लिया और कहने लगे कि हमें कुछ जानकारी नहीं है। साहब, एक बाहर का अधिकारी आकर कार्रवाई करता है, क्योंकि उसे गड़बड़ी दिख जाती है, आपको क्यों नहीं दिखती? इसका कोई संतोषजनक जवाब यहां के अफसरों के पास नहीं है।
आज दिनभर रेलवे स्टेशन पर यही चर्चा रही कि आखिर सीनियर डीसीएम ने जो 1 लाख 30 हजार का जुर्माना किया तो स्थानीय अफसर क्यों नहीं कर पाते हैं। चर्चाओं में स्थानीय अफसर के दफ्तर से ही नहीं निकलने की बात भी कही गई। बात तो यहां तक चली कि यहां सब कथित मिलीभगत से चलता है और जब किसी अफसर का घोषित दौरा होता है तो अवैध वेंडरों और इस तरह के खानपान संचालकों को पूर्व से ही आगाह कर दिया जाता है, लेकिन बीती रात का अफसर का निरीक्षण औचक था, तो स्वभाविक है कि गड़बड़ी थी तो मिली भी। लेकिन, साहब यहां के डीसीआई बीएल मीना को यह सब नहीं दिखता है। जब उनसे बात की गई तो वे साफ मुकर गए कि यह तो सीनियर डीसीएम विनोद तमोली का भोपाल से जबलपुर जाना था और वे यहां अचानक उतर गए, हमें तो कोई इंटीमेशन था नहीं। साहब यदि बताकर आते तो हो सकता है, कि इतनी बड़ी कार्रवाई नहीं होती। क्योंकि कहीं न कहीं ऐसे कारनामे करने वालों को सूचना भी मिल जाती और सबकुछ ओके हो जाता।
यह हुआ बीती रात
ओवरनाइट एक्सप्रेस से रात करीब सवा बजे भोपाल से जबलपुर जा रहे सीनियर डीसीएम विनोद तमोली को यहां बीस मिनट का वक्त मिल गया निरीक्षण करने को। दरअसल यहां इंजन बदलता है। उन्हें पता चला कि इसमें बीस मिनट का वक्त लगेगा तो वे प्लेटफार्म पर उतर गए। प्लेटफार्म 2-3 पर ट्रेन आयी थी तो उन्होंने इस बीस मिनट का सदुपयोग करते हुए औचक निरीक्षण प्रारंभ कर दिया। श्री तमोली युवा अधिकारी हैं और अचानक इस तरह निरीक्षण होते देख वेडरों ने उनसे पूछताछ करना शुरु कर दी। उन्होंने भी कहा कि आपको सब पता चल जाएगा। उन्हें जब गड़बड़ी मिलना शुरु हुई तो उनके आश्चर्य का ठिकाना न रहा जो उन्होंने बातचीत में प्रेस को शेयर भी किया। उनका कहना है कि इतनी गड़बड़ी मिलेंगी इसका उन्होंने अनुमान नहीं लगाया था। यहां तो काफी कुछ गड़बड़ चल रहा है।
सवा लाख का जुर्माना हुआ है
डीसीआई बीएल मीना भले ही कुछ भी जानकारी होने से इनकार करें, लेकिन इतना तय है कि उन्होंने केवल दो प्लेटफार्म पर औचक निरीक्षण में एक लाख तीस हजार रुपए का जुर्माना विभिन्न स्टाल्स पर किया है। रेलवे के सूत्र बताते हैं कि उन्होंने आरएन व्यास के स्टाल्स पर 50 हजार का तगड़ा जुर्माना लगाया है। यहां उनको निर्धारित जगह से अधिक पर सामान फैला हुआ मिला और ट्रालियां काफी बाहर तक रखी हुईं थीं। इसके अलावा तीन अन्य स्टाल्स पर दस-दस हजार का जुर्माना किया जिसमें दो काफी की स्टाल्स पर दस-दस हजार और एक अन्य दूध प्रॉडक्ट के स्टाल पर दस हजार का जुर्माना किया है। इसी तरह से एक अन्य स्टाल्स पर भी पचास हजार का जुर्माना किया गया है लेकिन स्थानीय अफसरों के चहेते स्टाल्स संचालकों पर हुई जुर्माने की कार्रवाई को अफसर बताने से परहेज कर रहे हैं।
इनका कहना है…
हमारी जानकारी में नहीं है, उन्होंने कोई हमें इंटीमेशन थोड़ी दिया था। उन्होंने जुर्माना किया, यह हमारे पास कोई लिखित में भी नहीं है और ना ही हमारे पास इसकी कोई सूचना है। आपको जानकारी चाहिए तो सीधे उनको ही फोन लगा लो। हम किसी का नाम कैसे बता दें, जब हमें जानकारी ही नहीं है।
बीएल मीना, डीसीए

For Feedback - info[@]narmadanchal.com
Join Our WhatsApp Channel
error: Content is protected !!
Narmadanchal News
Privacy Overview

This website uses cookies so that we can provide you with the best user experience possible. Cookie information is stored in your browser and performs functions such as recognising you when you return to our website and helping our team to understand which sections of the website you find most interesting and useful.