इटारसी। स्थानीय मछुआरों ने तवा बांध से प्रतिबंधित सुखान जाल सहित पांच बिहारी मछुआरों को पुलिस के साथ जाकर पकड़ा है। पुलिस मामले में मत्स्य विभाग के अधिकारियों का इंतजार कर रही है। संभवत: शनिवार को विभाग के अधिकारियों के आने के बाद ही कार्रवाई आगे बढ़ सकेगी। थाना प्रभारी मोनिका गौर के अनुसार अभी थाने लेकर आए हैं, मत्स्य विभाग से संपर्क किया जा रहा है, संभवत: कल सुबह विभागीय अधिकारियों के आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
पुलिस की मदद से स्थानीय मछुआरों ने पांच बिहारी मछुआरे और दो सुखान जाल के साथ ही लगभग एक क्विंटल सूखी मछली भी जब्त की है। आज शाम 3 से 4 बजे के बीच सुखतवा की केवट मत्स्य उद्योग सहकारी समिति, सर्वोदय मत्स्य सहकारी समिति सहित आसपास के गांव की करीब पांच समिति के सदस्यों ने केसला पुलिस के साथ जाकर पांच बिहारी मछुआरों को मय जाल के पकड़कर थाने लाए हैं। केसला पुलिस मामले की जांच कर रही है। अभी मत्स्य विभाग को खबर की है, संभवत: शनिवार को विभाग के अधिकारी आएंगे, इसके बाद पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ सकेगी। मछुआरों ने बताया कि सुपलई, घोघरा पत्थर के पास करीब चालीस बिहारी मछुआरे थे, टीम को देखकर भाग निकले, केवल पांच ही हाथ आए हैं। हमने पुलिस के साथ उनके सुखान जाल और करीब एक क्विंटल सूखी मछली पकड़ी है।

बाहर के मछुआरे नहीं कर सकते
मध्यप्रदेश शासन द्वारा उन मछुआरों को मत्स्याखेट के लिए मंजूरी दी जाती है जो सहकारी समिति के सदस्य हैं और मप्र में निवास करते हैं। इन मछुआरों को शासन की योजना अंतर्गत जिला मत्स्य विभाग से आवेदन लेकर हर वर्ष मछुआ परिचय पत्र बनाकर दिया जाता है। इसके बाद ये स्थानीय मछुआरे प्रदेश में कहीं भी जाकर मत्स्याखेट कर सकते हैं। लेकिन दूसरे राज्यों के मछुआरों को बिना अनुमति के मत्स्याखेट प्रदेश के किसी भी जलाशय में करने की अनुमति नहीं है। यदि ऐसे बाहरी मछुआरे प्रदेश के जलाशय में मत्स्याखेट करते हैं तो वह अवैध की श्रेणी में आता है।
इनका कहना है…!
तवा जलाशय में फिर से अवैध मत्स्याखेट शुरु हो गया है। हमने वरिष्ठ अफसरों को शिकायत की है। बिहार से बड़ी संख्या में आए मछुआरे प्रतिबंधित जाल सुखान जाल से मछली का शिकार कर रहे हैं जिससे तवा जलाशय की छोटी-छोटी मछलियां भी जाल में फंस रही हैं।
मोहन रैकवार,अध्यक्ष मांझी मछुआ कल्याण समिति
मछुआरों की शिकायत पर कुछ लोगों को मछली और जाल के साथ शाम को थाने लाए हैं। मत्स्य विभाग को खबर की जा रही है। वैध है या अवैध अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।
मोनिका गौर, थाना प्रभारी केसला







