इटारसी। भाजपा पार्षद के भाई अशोक यादव हत्याकांड मामले में आज करीब तीन वर्ष बाद फैसला आया है। द्वितीय अपर सत्र व जिला न्यायाधीश श्रीमती प्रीति सिंह ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने सभी 5 आरोपियों को हत्या का दोषी माना है और उनको आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही जुर्माना भी किया है। बता दें कि 16-17 दिसंबर 2015 को ओवरब्रिज पर आधी रात करीब डेढ़ बजे तत्कालीन टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष अशोक यादव की हत्या एजेंटी के विवाद में कर दी गई थी।
शासन की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी हरिशंकर यादव ने बताया कि अशोक यादव की हत्या उस वक्त कर दी गई थी जब वे देवल मंदिर इटारसी में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह से अपने घर खेड़ा अपनी मोटर सायकिल से जा रहे थे। ओवरब्रिज पर आरोपी संजू तिवारी और ब्रजेश तिवारी ने पीछे से आकर अशोक यादव के सिर के पीछे रॉड से हमला किया जिससे अशोक यादव बाइक से नीचे गिर गया। उस समय अशोक यादव रिश्तेदार रंजीत यादव, राजेश यादव, प्रदीप उर्फ पहाड़ी यादव एवं सुशील यादव जो ब्रिज पर अशोक यादव का इंतजार कर रहे थे, बचाने दौड़े तभी आरोपी सुरेन्द्र उर्फ सुन्ना तिवारी, विवेक तिवारी, सतीष तिवारी तथा प्रशांत तिवारी उर्फ टमन्टू एक स्कार्पियो वाहन से वहां पहुंचे। टमंटू ने पिस्टल निकालकर मृतक के भाईयों को धमकाकर कहा कि पास आए तो जान से मार दूंगा। इस कारण मृतक अशोक के भाई उसे बचा न सके। सभी आरोपियों ने अशोक यादव को मारते-पीटते हुए स्कार्पियो वाहन में डाला और ब्रिज से नीचे ले जाकर वाहन से पटककर भाग गए।
मृतक के भाईयों ने अशोक यादव को अस्पताल ले गए जहां डॉ. विकास जैतपुरिया ने अशोक यादव की जांच कर उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के अंतिम संस्कार के बाद रंजीत यादव ने थाने आकर रिपोर्ट दर्ज करायी। पुलिस विवेचना के दौरान आरोपी सतीष तिवारी की मृत्यु हो गई, अत: पुलिस ने शेष पांच आरोपियों के विरुद्ध धारा 147, 148, 149, 201, 302, 506 एवं 294 आईपीसी एवं प्रशांत तिवारी के विरुद्ध 25/27 आयुध अधिनियम के तहत अभियोग पत्र प्रस्तुत किया। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्षियों के साक्ष्य एवं दिए गए तर्क से सहमत होते हुए न्यायालय ने आरोपी संजू, सुरेन्द्र उर्फ सुन्ना, ब्रजेश तिवारी, टमन्टू उर्फ प्रशांत एवं विवेक को धारा 148 के अंतर्गत 2 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5 सौ रुपए अर्थदंड एवं धारा 302/149 में आजीवन कारावास एवं पांच सौ रुपए जुर्माना, 506 में एक वर्ष एवं 2 सौ रुपए जुर्माना, धारा 294 में 200 रुपए जुर्माना एवं टमंटू उर्फ प्रशांत तिवारी को आयुध अधिनियम में 3 वर्ष का कारावास एवं दो सौ रुपए जुर्माने से दंडित किया है।










