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निकाली गई जागरूकता रैली, आयोजित हुई कार्यशाला

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तम्बाकू निषेध दिवस
होशंगाबाद। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस जिले भर मे मनाया गया। जिला अस्पताल परिषर मे प्रात: 10 बजे जागरूकता रैली निकाली गई। इसे अपर कलेक्टर श्री मनोज सरियाम ने हरी झंडी दिखाकर भ्रमण के लिये रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि तम्बाकू तथा उससे बने पदार्थ मानव जीवन के लिये घातक होते हैं। देश मे कैंसर का प्रमुख कारण तम्बाकू और धूम्रपान है। देश में लगभग 10 लाख व्यक्ति इसके कारण मौत के मुह में समा जाते है। तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम 2003 के तहत सभी सार्वजनिक स्थलों, कार्यालयों, शिक्षण संस्थाओं, अस्पतालों आदि मे धूम्रपान पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। इसका कठोरता से पालन सुनिश्चित करें। दंड से बचने के लिये नही बल्की अपने जीवन को बचाने के लिये धूम्रपान तथा तम्बाकू के सेवन से दूर रहे। प्रत्येक व्यक्ति विशेष कर नई पीढी को इस संबंध मे जागरूक करे। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर सुश्री टीना यादव, सिविल सर्जन डॉ रवि शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिलीप कटेलिया एवं चिकित्सक उपस्थित रहे। अपर कलेक्टर तथा अन्य अधिकारियो ने तम्बाकू नियंत्रण जागरूकता कार्यक्रम के लिये हस्ताक्षर अभियान मे भी भागीदारी की।
जिला चिकित्सालय के प्रशिक्षण केन्द्र मे अपराहन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें श्री आर.एस.चौहान ने तम्बाकू नियंत्रण अधिनियम के प्रावधानो की जानकारी दी। उन्होंने बताया की अधिनियम के लागू होने के बाद 2 अक्टूबर 2008 से सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसका उल्‍लंघन करने वालों पर 10 रूपये से लेकर 200 रूपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके लिये प्रत्येक कार्यालय मे प्रधिकृत अधिकारी तैनात किये गये है। यदि किसी कार्यालय परिषर मे कोई व्यक्ति धूम्रपान करते पाया जाए तो कार्यालय प्रमुख उसके विरूद्ध तत्काल जुर्माने की कार्यवाही करें।
उन्होंने बताया कि अधिनियम के प्रबधानों के तहत तम्बाकू उत्पादो का विज्ञापन प्रतिबंधित है। तम्बाकू उत्पादों में चेतावनी तथा चित्र मे चेतावनी प्रदर्शित करना अनिवार्य है। किसी भी शिक्षण संस्था से 300 फुट की परीधी मे तम्बाकू उत्पादो की बिक्री एवं विज्ञापन प्रतिबंधित है। इसी तरह 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियो द्वारा तम्बाकू उत्पाद खरीदना एवं बेचना भी दंण्डनीय अपराध है। शहरी क्षेत्र में मुख्य नगरपालिका अधिकारी, पुलिस विभाग के अधिकारी, राजस्व अधिकारी, औषद्यि तथा खाद्य निरीक्षक दंडात्मक कार्यवाही कर सकते है। गांव मे सरपंच तथा ग्राम पंचायत सचिव को जुर्माना लगाने का अधिकार दिया गया है। उन्होने अधिनियम के प्रावधानो की विस्तार से जानकारी ली।

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