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नेशनल लोक अदालत : नपा को 13.40 लाख, बिजली कंपनी ने वसूले

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इटारसी। नेशनल लोक अदालत में नगर पालिका ने फिर अच्छा राजस्व वसूल किया है। नपा को दिए गए नोटिस की राशि के विरुद्ध 50 फीसदी से अधिक राजस्व की प्राप्ति हुई है, जबकि बैंकों को फिर मायूस होना पड़ा है। ज्यादातर बैंकों को राजस्व ही नहीं मिला जबकि एकाध बैंक ने नोटिस के विरुद्ध एक से डेढ़ फीसदी राशि वसूल ली है।
आज सुबह कोर्ट में नेशनल लोक अदालत की शुरुआत न्यायाधीशों ने देवी सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करके की। इस दौरान बकाया कर, कर्ज और बिल वसूली के लिए नगरपालिका, मप्र मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, करीब आधा दर्जन बैंकों की शाखाओं के टेबिल लगे थे। लोक अदालत के माध्यम से नगरपालिका को अच्छा राजस्व मिला जबकि बैंकों को निराशा हाथ लगी है।

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नपा ने वसूले 13 लाख से अधिक
नगर पालिका के राजस्व विभाग ने लोक अदालत के लिए अच्छी मेहनत की थी। इस बार नपा को तेरह लाख से अधिक का बकाया मिला है। इसमें संपत्तिकर, जलकर, दुकान किराया और न्यास का भू-भाटक शामिल है। राजस्व निरीक्षक संजय दीक्षित ने बताया कि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से बकायादारों को 950 नोटिस तामील कराए थे। इसमें जलकर के 290 और संपत्तिकर, दुकान किराया और भू-भाटक मिलाकर कुल 660 नोटिस थे। इनमें से केवल 224 प्रकरण निराकृत हुए हैं और नपा को 13 लाख 39 हजार 670 रुपए का बकाया मिला है। नपा को संपत्तिकर, दुकान किराया और भू-भाटक के 11 लाख 96 हजार 710 रुपए और जलकर के 1 लाख 42 हजर 960 रुपए लोक अदालत के माध्यम से मिले हैं।

बिजली विभाग भी सफल रहा
नगर पालिका के बाद वसूली में यदि किसी विभाग को सफलता हासिल हुई है तो वह है बिजली कंपनी। कंपनी के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार नेशनल लोक अदालत के माध्यम से कंपनी के बकायादारों ने आकर बकाया जमा किया है। होशंगाबाद में लोक अदालत के माध्यम से 82 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इन प्रकरणों में कंपनी को 12 लाख 78 हजार रुपए का बकाया प्राप्त हुआ है। इसी तरह से इटारसी में भी कंपनी को संतोषजनक सफलता हासिल हुई है। अधिकारियों से मिले आंकड़ों के अनुसार यहां करीब 72 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इनके जरिए कंपनी को करीब 8 लाख 78 हजार रुपए की राशि मिली है। इस तरह से नगर पालिका के बाद बिजली कंपनी ही मुनाफे में रही है।

इन बैंकों के मिले आंकड़े
नेशनल लोक अदालत में आए ज्यादातर बैंक बिना कोई आंकड़े दिए चले गए। भारतीय स्टेट बैंक के सहायक प्रबंधक प्रवीण कीर ने बताया कि नेशनल लोक अदालत के माध्यम से वसूली के लिए मुख्य शाखा ने करीब एक करोड़ रुपए के बकाया के 159 नोटिस जारी कर कर्जदारों के यहां भेजे थे। इनमें से ज्यादातर लोन के बकायादार बकाया जमा करने नहीं पहुंचे हैं। सारा दिन बैठकर एसबीआई की मेन ब्रांच को केवल डेढ़ लाख रुपए की रिकव्हरी हाथ आयी है। इसी तरह से पंजाब नेशनल रानीपुर शाखा के दो प्रकरणों में महज ढाई हजार रुपए की रिकव्हरी आयी है। इस तरह से यहां इलाहाबाद बैंक, सेंट्रल ग्रामीण बैंक सहित अन्य बैंकों ने भी लोक अदालत के माध्यम से नोटिस दिए थे, ज्यादातर को निराशा हाथ लगी है।

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