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न्यूज अपडेट : सरपंच सहित दर्जनों महिलाओं पर अपराध दर्ज

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शराब दुकान में तोडफ़ोड़ और आगजनी का मामला
इटारसी। पुलिस ने ग्राम सोनासांवरी की पांच महिलाओं पर नामजद मामला दर्ज किया है जबकि करीब चार दर्जन अज्ञात महिलाओं पर शराब दुकान में तोडफ़ोड़ और आगजनी के मामले में अपराध दर्ज किया है। आबकारी विभाग के प्रतिवेदन पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। टीआई भूपेन्द्र सिंह मौर्य ने बताया कि सरपंच प्रीति पटेल सहित पांच महिलाओं पर नामजद और करीब चार दर्जन अन्य महिलाओं पर दुकान में तोडफ़ोड़ और आगजनी के मामले में धारा 436, 452, 147, 294, 506, 149, 427 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में फरियादी लायसेंसधारी रणविजय सिंह पिता गिरधारी सिंह निवासी माता मंदिर के सामने आनंद नगर होशंगाबाद है।
उल्लेखनीय है कि विगत 13 अप्रैल को शराब दुकान हटाने के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहीं सोनासांवरी की महिलाओं ने आखिरकार आपा खाकर शराब दुकान के सामने आंदोलन करने लगाए टेंट से निकलकर शराब दुकान में डंडों, हॉज़ पाइप सहित पहुंचकर तोडफ़ोड़ कर दुकान में आग लगा दी थी। महिलाओं ने यह आग उस वक्त लगायी थी जब विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीतासरन शर्मा उनसे मिलने पहुंचे थे। अभी डॉ. शर्मा अपने वाहन से उतर भी न पाए थे कि महिलाओं ने दुकान में घुसकर तोडफ़ोड़ करना और आग लगाना शुरु कर दिया था। डॉ. शर्मा ने महिलाओं को डांटकर दुकान से बाहर किया और इस तरह अल्कोहलयुक्त बोतलों में आग लगाने से दुर्घटना की बात कहते हुए ऐसी हरकत न करने की समझाईश दी। तोडफ़ोड़ और आगजनी की घटना को उन्होंने ठीक नहीं बताया और महिलाओं को शांतिपूर्ण आंदोलन करने की समझाईश दी। एसडीएम अभिषेक गेहलोत को बुलाकर महिलाओं से बातचीत के बाद दुकान हटाने प्रशासन को सात दिन का वक्त दिया था। इधर अभी दो दिन ही बीते थे कि 14 अप्रैल की आधी रात को उक्त मामले में पांच महिलाओं, सरपंच श्रीमती प्रीति पटेल, सोनम पटेल, शांतिबाई, सुमन सिंह, और वंदना के अलावा पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी बीके पटेल समेत करीब चार दर्जन महिलाओं पर तोडफ़ोड़ और आगजनी का मामला पंजीबद्ध किया है।
ऐसे चला था आंदोलन
आंदोलन की शुरुआत 7 अप्रैल को ग्राम सोनासांवरी के स्कूल मैदान से हुई। यहां गांधी प्रतिमा के पास लगभग दो सैंकड़ा महिलाएं एकत्र हुई और हस्ताक्षर अभियान चलाया। यहां से महिलाएं लगभग दो किलोमीटर पैदल मार्च करके सीधे विधानसभा अध्यक्ष के निवास नारेबाजी करती हुई पहुंची। फूल नहीं चिंगारी हैं, हम भारत की नारी हैं के नारे लगाते हुए महिलाएं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. शर्मा के निवास पर पहुंची। महिलाओं ने उनके निज सचिव विनोद चौहान को ज्ञापन की कापी दी। यहां से महिलाएं शराब की दुकान पर पहुंची और दुकान का घेराव किया।
10 अप्रैल को महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर शराब दुकान बंद करने मांग का एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर टीना यादव को सौंपा और वहां से लौटकर शराब दुकान के सामने बैठकर नारेबाजी की। महिलाओं ने 10 दिन में दुकान हटाने का अल्टीमेटम भी दे दिया।
11 अप्रैल से शांतिपूर्ण अंहिसात्मक प्रदर्शन शुरु करके प्रतिदिन प्रात: 11 बजे से शाम 05 बजे तक भजन कीर्तन के साथ शराब बंदी के नारे लगाने शुरु किए।
12 अप्रैल को महिलाओं के इस आंदोलन को नारी जागृति मंच का समर्थन व मार्गदर्शन मिलना शुरु हुआ और
13 अप्रैल को पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी तथा आंदोलन के समर्थक बीके पटेल के आग्रह पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ.सीतासरन शर्मा महिलाओं से मिलने आए। वे यहां पहुंच पाते इसके साथ ही तोडफ़ोड़ और आगजनी की घटना हो गई।
इनका कहना है…!
जिन महिलाओं का नाम बताया जा रहा है, वे शांतिप्रिय आंदोलन में शामिल थीं। जो तोडफ़ोड़ और आगजनी की घटना हुई है, वह आंदोलन को कमजोर करने का एक षड्यंत्र है। हमने सात दिन का वक्त दिया है, यदि इस तरह से हमारे घर की महिलाओं पर अपराध दर्ज होंगे तो हम पुरुष भी इस आंदोलन में शामिल होंगे। पूरा गांव ही अब आंदोलन में शामिल होगा। हम षड्यंत्रकारियों को उनके मकसद में कामयाब नहीं होने देंगे।
बीके पटेल, पूर्व डीईओ और आंदोलन समर्थक

दुकान में तोडफ़ोड़ और आगजनी की घटना ठेकेदार का ही षड्यंत्र है। हम तो शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे और विधानसभा अध्यक्ष के आने की सूचना पर उनका इंतज़ार कर रहे थे। इस बीच हमारा आंदोलन कमजोर करने की कोशिश में कुछ लोगों को भीड़ में भेजकर इस तरह का कृत्य कराया गया है। इस तरह के प्रयास से हमारा आंदोलन कमजोर होने वाला नहीं है।
श्रीमती प्रीति पटेल, सरपंच ग्राम पंचायत सोनासांवरी

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