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बच्चे को बचाने के प्रयास में झरने में डूबा स्पोट्र्स टीचर

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नानूपुरा स्थित झरने में गए थे पिकनिक मनान
इटारसी। बच्चों के साथ पिकनिक मनाने शहर के नज़दीक नानूपुरा गांव के पास एक झरने पर गए सेंट मेरी स्कूल के स्पोट्र्स टीचर की झरने में डूब जाने से मौत हो गई। साथ गए बच्चों के अनुसार स्पोट्र्स टीचर समीर सिंह ठाकुर झरने में डूब रहे एक बच्चे को बचाने के प्रयास में खुद मौत के मुंह में चले गए। घटना आज शाम करीब 4 बजे की बतायी जा रही है।
घटना के बाद बच्चों ने अपने परिजनों को सूचित किया और परिजनों ने 100 डायल को खबर की। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से समीर का शव गहरे पानी में से निकाला। घटना की जानकारी मिलते ही शहर में शोक की लहर छा गई। जिसने भी सुना उसे भरोसा नहीं हुआ।समीर अपने साथी खिलाडिय़ों और खिलाड़ी बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय थे।
बच्चे ने चिल्लाया तो कूद पड़ा समीर
समीर के साथी हॉकी खिलाडिय़ों का कहना है कि वो काफी साहसी और मददगार थे। आज की घटना से भी यही बात साबित होती है। पिकनिक पर साथ गए बच्चों के अनुसार जिस वक्त घटना हुई, सभी बच्चे झरने में नहा रहे थे, इस बीच धीरेन्द्र नाम का एक बच्चा डूबने लगा। उसने बचाओ-बचाओ की आवाज़ लगाई तो ऊपर एक चट्टान पर नहाते हुए बच्चों का वीडियो बना रहे समीर ने जैसे ही सुना, वह ऊपर से ही कूद गया. हालांकि साथ नहा रहे बच्चे धीरेन्द्र को तो खींच लाए, लेकिन काफी ऊपर से कूदा समीर नीचे गहरे पानी में जाकर किसी चट्टान में फंस गया।
सुबह मैदान पर आया था समीर
समीर सिंह एक अच्छा हॉकी खिलाड़ी और हसंमुख स्वभाव का स्पोट्र्समेन था। उसे पिकनिक आदि जाना काफी पसंद था। साथी खिलाड़ी कन्हैया गुरयानी के अनुसार वह अक्सर पिकनिक पर जाने के लिए अपने साथियों से कहता रहता था। आज भी वह सुबह गांधी मैदान पर आया था। हालांकि उसने हॉकी नहीं खेली केवल बैठकर खेल रहे साथियों को देखता रहा। इसके बाद सभी अपने घर चले गए। शाम को जैसे ही साथी खिलाडिय़ों को घटना की जानकारी मिली तो पहले तो उन्हें घटना पर विश्वास ही नहीं हुआ। लेकिन जैसे ही घटना की पुष्टि हुई तो खिलाड़ी शोकमग्न हो गए।
दो घंटे लगे तलाश में
पथरोटा थाना प्रभारी आशीष चौधरी ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तो गांववालों की मदद से समीर की तलाश शुरु कर दी। उन्होंने बताया कि गांव का युवक सूरज और उसके अन्य साथियों ने झरने में गहरे तक जाकर तलाश शुरु की। उन्होंने बताया कि जिस जगह झरने गिरता है, वहां पानी काफी गहरा है और युवक का शव काफी गहरे में फंसा था। करीब दो घंटे लगातार उसकी तलाश की गई। इस बीच होशंगाबाद से होमगार्ड को भी खबर की, लेकिन होमगार्ड मौके पर पहुंचती इसके पहले ही युवक का शव निकाल लिया गया।
तीन किमी पहले छोड़ा वाहन
खेल शिक्षक समीर और सेंट मेरी स्कूल के ये बच्चे जहां पिकनिक मनाने गए थे, वह जगह घने जंगल में नानूपुरा गांव से भी करीब साढ़े पांच किलोमीटर है। ये सभी कार से पिकनिक मनाने वहां गए थे। चूंकि कार उस जगह नहीं पहुंच पाती है, अत: ये लोग झरने से करीब तीन किलोमीटर पहले ही कार छोड़कर झरने तक गए थे। आर्डनेंस फैक्ट्री बैरियर से पांडूखेड़ी गांव के बाद सतपुड़ा के घने जंगल में है नानूपुरा गांव और घटना स्थल उस गांव से भी करीब पांच किलोमीटर आगे है। बताया जाता है कि उस जगह पर पहुंचने के लिए मुश्किलों भरा रास्ता तय करना होता है।
बेहतरीन कैडेट भी था समीर
समीर एक अच्छा हॉकी खिलाड़ी होने के साथ ही बेहतरीन एनसीसी कैडेट भी रहा है। शासकीय एमजीएम कालेज के एनसीसी प्रभारी मेज़र डीके शुक्ला को जब यह खबर पता चली तो उनको विश्वास ही नहीं हुआ। जिस वक्त उन्हें खबर मिली वे अपने घर भोपाल पहुंचे ही थे। खबर सुनकर वे शोकमग्न हो गए। श्री शुक्ला ने कहा कि समीर एक अनुशासित और सहज, सरल केडेट था। उन्हें भरोसा ही नहीं हो रहा है कि उसके साथ ऐसा हो सकता है। श्री शुक्ला कहते हैं कि वह इतना मददगार था, इसी से पता लगता है कि वह बच्चे की बचाओ चिल्लाने की आवाज़ सुनकर ही ऊपर से कूद गया।

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