इटारसी। अब सरकारी संपत्ति पर विज्ञापन चस्पा करने वालों के खिलाफ नगर पालिका कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही नगर पालिका के आधिपत्य वाले बिजली के खंभों पर बिना अनुमति विज्ञापन करने वालों पर दो हज़ार रुपए जुर्माना किया जाएगा। सीएमओ सुरेश दुबे ने आज एमजी मार्ग पर लगे खंभों पर विज्ञापन आदि के बोर्ड देखकर नाराजी जतायी है। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति नपा के खंभों पर विज्ञापन न किए जाएं। इसके लिए बाकायदा अनुमति ली जानी चाहिए। यदि अनुमति नहीं ली जाती है तो संबंधित से दो हजार रुपए जुर्माना वसूला जाएगा।
सीएमओ सुरेश दुबे ने आज दोपहर में बाजार क्षेत्र में व्यवस्था का निरीक्षण किया। बस स्टैंड पर दो दिन पूर्व कुछ अतिक्रमण हटाए थे तथा कुछ दुकानदारों ने स्वयं हटाने के लिए दो दिन की अनुमति मांगी थी लेकिन उन्होंने भी अपने अतिक्रमण नहीं हटाए तो आज सख्ती से नपा ने दो पान टप और एक लोहे के फे्रेस से बनी दुकान की जब्ती बनायी।
खुद ही निकालने लगे दीवार से पर्चे
सीएमओ सुरेश दुबे बस स्टैंड पर यात्री प्रतीक्षालय के भीतर जाकर देखा तो वहां बड़ी मात्रा में गंदगी थी। पाउस के खाली पैकेट, समोस, कचौरी खाने के बाद फेंके गए कागज, बीड़ी-सिगरेट और आइसक्रीम के रेपर आदि देख सीएमओ श्री दुबे ने अपने साथ चल रहे स्वच्छता निरीक्षक से कहा कि वे प्रतिदिन आकर यहां देखें और हर रोज प्रतीक्षालय की सफाई हो, यह व्यवस्था करें। प्रतीक्षालय में गंदगी, जगह-जगह पान के पीक और प्रतीक्षालय की दीवार पर विज्ञापनों के चिपके पर्चे देख सीएमओ ने स्वयं पर्चे निकालने शुरु कर दिए। उनको पर्चे निकालते देख अन्य कर्मचारियों ने कहा कि वे पर्चे निकाल देंगे। सीएमओ के आदेश के बाद तत्काल प्रतीक्षालय की सफाई टैंकर और ब्लीचिंग पावडर बुलवाकर करायी गई।
मानवता के आधार पर दो को छोड़ा
जिस वक्त सीएमओ बस स्टैंड के सुभाष पार्क की दीवार से सटे पान-चाय के टप हटवा रहे थे, उस वक्त उनको दो लोगों के कैंसर पीडि़त होने की जानकारी मिली तो उन्होंने अतिक्रमण हटा रहे कर्मचारियों को कहा कि इन दो लोगों को फिलहाल नहीं हटाया जाए। इसी तरह से जो लो अपने दुकान खोलकर बैठे थे, उनको भी फिलहाल रियायत दी गई और जो दुकानें केवल रखकर जगह रोकी गई थी उनको हटाने के निर्देश दिए। सीएमओ के निर्देश पर बंशीवाला पान भंडार और टीटू पान भंडार के टप जब्त करके नपा का अमला ले गया। नगर पालिका के अतिक्रमण विरोधी अमले को देखकर पार्क की दीवार से सटे कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद करना और जिनकी दुकानें बड़ी थीं, उन्होंने समेटना शुरु कर दिया था।
जब एक अतिक्रमणकारी ने शुरु की बहस
अतिक्रमण हटाते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुरेश दुबे, स्वच्छता निरीक्षक और अतिक्रमण अमले के प्रभारी आरके तिवारी बस स्टैंड के पश्चिमी द्वार तरफ बढ़ रहे थे तो यहां लोहे के एंगल से बनी एक बड़ी सी दुकान के ढांचे पर उनकी नज़र पड़ी। सीएमओ ने उसे हटाने को कहा तो सामने की बुक स्टाल संचालक वीरेन्द्र मालवीय के भाई राजेन्द्र मालवीय ने सीएमओ से बहस करना शुरु कर दी। सीएमओ ने कहा कि यह दुकान यहां रखने की मौखिक अनुमति उन्होंने ही उस वक्त दी थी जब बस स्टैंड की दुकानों का निर्माण हो रहा था। यह केवल इसलिए था कि जब तक दुकानें बन रहीं, आप सामने टप रखकर अपना कारोबार करो। अब दुकानें बन गईं, आप शिफ्ट हो गए तो आपको इसे यहां से हटाना होगा। श्री मालवीय का कहना था कि पहले आप हमें दूसरी जगह दो, तभी हम इसे यहां से हटाने देंगे। इस दौरान श्री मालवीय तैश में आ गए और बहस करने लगे। हालांकि उनके भाई वीरेन्द्र मालवीय ने धैर्य से बातचीत की और कुछ अन्य व्यापारियों ने आकर श्री मालवीय को समझाया कि एक अधिकारी से इस तरह की बातें न करके धैर्य से काम लें और बातचीत के जरिए समाधान निकालें. कुछ देर बहस के बाद मामला शांत हो गया। हालांकि तब तक उनकी फ्रेम निर्मित दुकान की जब्ती बनायी जा चुकी थी और पंचनामा भी बन गया था।
यूरिनल निर्माण कार्य का निरीक्षण
सीएमओ श्री दुबे ने बस स्टैंड पर चल रहे यूरिनल निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने समीप की दुकान के संचालक को उनकी दुकान के पीछे पांच फुट की जगह छोड़कर आगे दुकान करने को कहा ताकि यूरिनल के लिए पर्याप्त स्थान निकल सके। सीएमओ ने बताया कि यहां महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग यूरिनल बनाए जाएंगे ताकि बस स्टैंड के यात्रियों को परेशान न होना पड़े।
बिना अनुमति खंभों पर विज्ञापन, तो लगेगा 2 हज़ार जुर्माना
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