इटारसी। एमजीएम कालेज के पास इंदिरा कालोनी में बिना अनुमति बनायी जा रही दुकान को नगर पालिका के सब इंजीनियर और नक्शा विभाग के अधिकारी ने मौके पर जाकर तोड़ दिया। अभी यह भी तय होना है कि जिस भूमि पर दुकान बन रही थी, उस भूमि का आवंटन भी संबंधित के नाम पर है या नहीं? वर्षों से रिक्त उक्त भूखंड को अब तक सरकारी संपत्ति ही माना जा रहा है।
एमजीएम कालेज चौराहे पर इंदिरा कालोनी में ठीक कोने वाले स्थान पर जहां इंदिरा कालोनी के लोकार्पण का पत्थर लगा होता था, उसी रिक्त भूखंड पर पिछले कुछ दिन से दुकान निर्माण का कार्य शिव प्रसाद पांडेय द्वारा किया जा रहा है। जाहिर है, लोकार्पण पत्थर वाला स्थान सरकारी भूमि ही होगी, वह पांडेय के नाम पर कैसे और कब आवंटित हो गयी, जांच का विषय हो सकता है, लेकिन उस पर भी बिना अनुमति दुकान निर्माण? वह भी मौके की जगह पर, यदि हो रही है तो कहीं न कहीं गड़बड़ी की गुंजाइश लगती है। हालांकि अभी नपा के दल ने निर्माण रोक दिया है, निर्माणकर्ता ने भी बिना अनुमति निर्माण नहीं करने की लिखित स्वीकृति दी है।
पहले भी किया था मना
बुधवार को इंदिरा कालोनी में दुकान निर्माण की जानकारी मिलने के बाद नगर पालिका की ओर से जाकर नक्शा विभाग के विजय मालवीय ने शिवप्रसाद पांडेय को निर्माण रोकने को कहा था। बावजूद इसके उन्होंने शाम तक उक्त रिक्त भूखंड पर कॉलम खड़े कर दिए और आज सुबह से दीवार उठाना भी प्रारंभ हो गया था। सूचना मिलने पर आज सब इंजीनियर संतोष सिंह बैस और विजय मालवीय मौके पर जेसीबी लेकर पहुंचे और दीवार तोड़कर जेसीबी से कॉलम भी उखाड़ दिए। श्री पांडेय से लिखित में लिया है कि वे बिना विधिवत अनुमति कोई निर्माण कार्य नहीं करेंगे। अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि उक्त सरकारी भूखंड को किसने और कब शिवप्रसाद पांडेय या उनके परिवार को आवंटित किया है? जब अनुमति के लिए नगर पालिका में आवेदन आएगा तभी यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस भूमि को किसने और कब, किन नियमों के तहत आवंटित कर दिया है? यदि ऐसा है तो कहीं न कहीं गड़बड़ी सामने आ सकती है।







