प्रमोद गुप्ता सारणी से
सारनी। म.प्र यूनाईटेड फोरम फॉर पॉवर इंप्लाईज एवं इंजीनियर्स संघ ने सारनी आए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से अपर रेस्ट हाउस में रविवार को मुलाकात कर अपनी समस्याओं के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा। यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि उनका यूनियन लंबे समय से अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर संघर्षरत है, लेकिन आज तक उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं हो सका है। हम सभी त्वरित निराकरण किए जाने की मांग करते हैं ताकि उनके और सरकार के बीच अ’छे संबंध बने रह सके। यूनियन के क्षेत्रीय संयोजक व्हीसी टेलर का कहना था कि म.प्र को पॉवर प्लस स्टेट बनाने, सातों दिन 24 घंटे बिजली प्रदाय करने एवं लगातार चार बार म.प्र को कृषि कर्मण अवार्ड दिलाने में तथा म.प्र को स्वर्णिम प्रदेश बनाने में बिजली कर्मियों की अहम भूमिका रही है। बावजूद इसके बिजली कर्मियों की मांगों को सरकार अनदेखी करते आ रही है। इस मौके पर प्रतिनिधि मंडल में राजीव श्रीवास्तव, अखिलेश तिवारी, व्हीसी टेलर, मोहन सोनी, लक्ष्मण धोटे, व्हीएन बारस्कर, रघुनाथ मालवीय आदि उपस्थित थे।
इन मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन –
1. सभी विद्युत कंपनियों में कार्यरत कर्मचारियों को म.प्र शासन में लागू सातवां वेतनमान एक जनवरी 2016 से देय केंद्र के सामान जस का तस इस माह के वेतन के साथ दिया जाए।
2. जन संकल्प 2013 को पूरा करने के लिए संविदा कर्मियों का नियमितिकरण किया जाए।
3. फ्रिज बेनेफिटस कमेटी की अनुशंसा अनुसार फ्रिज बेनेफिट्स तुरंत लागू किया जाए।
4. विद्युत कंपनियों में नियमित एवं तकनीकी कार्यों के लिए आऊट सोर्सिंग बंद की जाए एवं कार्यरत आऊट सोर्सिंग कर्मियों का शोषण बंद हो, उनकी सेवाएं निरंतर रहे एवं समान कार्य के लिए समान वेतन निर्धारित किया जाए।
5. सभी कंपनियों में अधोसंरचना के अनुसार कई वर्षों से लंबित आर्गेनाइजेशन स्ट्रक्चर को समय-सीमा में पूरा कर पदोन्नतियां शीघ्र की जाए एवं तृतीय उच्च वेतन 25 वर्ष में दिया जाए।
मुख्यमंत्री से श्रमिक संगठनों ने की मुलाकात
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