इटारसी। रेल जंक्शन पर कार्यरत तकनीकि कर्मचारियों की सतकर्ता से आज बड़ा रेल हादसा होने से बच गया। कर्मचारियों की सतर्कता से मुंबई हावड़ा मेल में सफर कर रहे हजारों यात्रियों की जान बचायी जा सकी। रेल अधिकारियों का कहना है कि यदि यहां फाल्ट नहीं पकड़ा जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
जब ट्रेन यहां रेलवे स्टेशन पर बुधवार को सुबह करीब 9:20 पर आयी तो तकनीकि कर्मचारियों ने देखा कि इसका एसी-1 कोच की व्हील ट्राली क्रेक थी, जो बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी, लेकिन यहां के टेक्निकल स्टाफ की सजगता से बचायी जा सकी। इस कोच में 39 यात्री थे जिन्हें ट्रेन के अन्य कोच में शिफट किया गया। जैसे ही यात्रियों को पता चला कि उनका कोच काटकर अलग किया जा रहा है और उन्हें स्लीपर कोच में शिफट करने की बात हुई तो उन्होंने हंगामा कर दिया। हालांकि बाद में यात्रियों को अन्य एसी कोच में शिफट किया गया।
मौके पर पहुंचे सीनियर सेक्शन इंजीनियर सीएंडडब्ल्यू एचएस तिवारी, एचएन सिंह, सीटीआई दीपक जेम्सग और ट्रेन के टीटीई केके पचौरी ने यात्रियों को समझाया कि जबलपुर से नया कोच लगाकर सबको उसमें शिफट कर दिया जाएगा, इसके बाद यात्री माने। यात्रियों को ट्रेन के ए-2, ए-3 और एच-1 कोच में शिफट किया। इस सारी कवायद और हंगामे के कारण मुंबई-हावड़ा मेल रेल जंक्शन पर लगभग डेढ़ घंटे खड़ी रही। रेल अधिकारियों के मुताबिक खंडवा से ही इसकी खबर आ गई थी। यहां जब ट्रेन आयी तो यहां स्टेशन पर सुरक्षा की दृष्टि से होने वाली जांच मंब यह खराबी पकड़ में आ गई। एसएसई जेपी मिश्रा और टेक्निशियन अवतार सिंह ने रोलिंग इन ट्रेन एक्जामिनेशन के दौरान यह खराबी पकड़ ली। ट्रेन की व्हील ट्रॉली जिस पर ट्रेन के बोगी का भार होता है, क्रेक हो गई थी। रेलवे के मुताबिक यदि खराबी यहां पकड़ में नहीं आती तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
इनका कहना है…!
इटारसी स्टेशन पर रोलिंग इन एक्जामिनेशन के दौरान व्हील ट्राली क्रेक पकड़ में आया था। यहां एसी कोच नहीं होने सेयात्रियों को दूसरी बोगी में शिफट किया है। जबलपुर
में मैसेज किया है, वहां से एसी कोच बदलने को कहा है। यात्रियों को समझाइश देने के बाद ट्रेन को यहां से रवाना किया।
एचएच तिवारी, सीनियर सेक्शन इंजीनियर सीएंडडब्ल्यू
रेलकर्मी नहीं देखते तो हो सकता था बड़ा हादसा
For Feedback - info[@]narmadanchal.com








