इटारसी। 14 नवंबर बाल दिवस अवसर पर शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के नाम पर स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा सरकारी शालाओं के शिक्षक शिक्षिकाओं से छात्र-छात्राओं के समक्ष शपथ दिलवाने की कार्यवाही से शिक्षक कल्याण संगठन आहत है एवं संगठन ने मध्यप्रदेश शासन की प्रमुख सचिव सुधी रंजन मोहंती को ज्ञापन भेजकर अधिकारियों से भी शिक्षकों के बीच में उपस्थित होकर शपथ लेने को निर्देशित करने का अनुरोध किया है ।
संगठन के जिला अध्यक्ष सुरेश चिमानिया का कहना है कि स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देश पर प्रदेश की सरकारी शालाओं में ई-अटेंडेंस की सख्त प्रक्रिया लागू होने के उपरांत निश्चित समय पर उपस्थित होने की शपथ दिलवा ना समझ से परे है। तहसील अध्यक्ष सत्येंद्र तिवारी का कहना है की शिक्षा मिशन एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सघन निरीक्षण के चलते शिक्षक चाहकर भी तन्मयता से अध्यापन कार्य नहीं कर पा रहे हैं। वे उनके दिशा निर्देश के पालन में उलझ कर रह गए हैं एवं उन्हें तन्मयता से अध्यापन कार्य करने की शपथ लेनी पड़ रही है जिससे वे आहत हैं। केसला ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र दुबे का कहना है कि शिक्षक-शिक्षिकाओं को छात्र-छात्राओं के बीच में पहुंचकर कर शपथ लेने पर भारी शर्मिन्दगी का सामना करना पड़ा व अपमानित होना पड़ा।
शिक्षक कल्याण संगठन के संयोजक राजकुमार दुबे का कहना है कि सरकारी शालाओं की शैक्षणिक गुणवत्ता के पतन में गैर शैक्षणिक कार्यों का महत्वपूर्ण योगदान है। ये गैर शैक्षणिक कार्य शिक्षकों को अपने अपने आला अधिकारियों के निर्देश पर करना पड़ते हैं। अत: शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए यह आवश्यक है कि ये आला अधिकारी भी शिक्षक शिक्षिकाओं के बीच में पहुंचकर शपथ लें कि वे जन शिक्षा अधिनियम 2003 के प्रावधान के अंतर्गत उन्हें गैर शैक्षणिक कार्य से पूर्णत: मुक्त रखेंगें। केवल एक पक्ष के शपथ लेने से सरकारी शालाओं की शैक्षणिक गुणवत्ता नहीं सुधरेगी।
शिक्षकों के समान अधिकारियों से भी शपथ लें
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