इटारसी। तवानगर के शिव मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के अंतर्गत कथावाचक श्री अरविंदाचार्य ने श्रीकृष्ण-रुकमणि विवाह प्रसंग सुनाया। इस अवसर पर कथा पंडाल में भगवान श्रीकृष्ण के साथ रुकमणि विवाह का आयोजन किया। कथावाचक श्री अरविंदाचार्य जी ने बताया कि रुकमणि कुंडिनपुर नरेश राजा भीष्म की पुत्री और साक्षात लक्ष्मी का अवतार थी। श्रीकृष्ण व रुक्मणि विवाह के दौरान श्रीकृष्ण और रुकमणि बने पात्रों ने एकदूसरे को माला पहनाई तो उपस्थित श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा की और भगवान के जयकारे गूंजे। विवाह प्रसंग श्री अरविंदाचार्य ने सुनाया।
श्रीकृष्ण-रुकमणि विवाह का हुआ आयोजन
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