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सतपुड़ा पर्वत श्रंखला के तिलकसिंदूर में लगा महादेव के भक्तों का मेला

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इटारसी। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व की दो तिथियां होने से सतपुड़ा पर्वत श्रंखला में तिलकसिंदूर में लगे मेले में पिछले वर्षों की तुलना में भोले के भक्तों की संख्या लगभग आधी रह गई। हालांकि प्रशासन ने इस वर्ष काफी अच्छी व्यवस्था कर रखी थी। महिला और पुरुष भक्तों के लिए अलग-अलग दर्शन करने बैरीकेटिंग की व्यवस्था पिछले वर्षों की तुलना में काफी बेहतर रही। पुलिस ने सुरक्षा का माकूल बंदोवस्त कर रखा है। एसडीओपी, टीआई ने सुरक्षा की कमान संभाल रखी है तो प्रशासनिक व्यवस्था एसडीएम आरएस बघेल के नेतृत्व में है। पुलिस लाइन से पुलिस बल के अलावा विभिन्न थानों का बल भी तिलकसिंदूर में व्यवस्था में जुटा है।
महाशिवरात्रि के अवसर पर तिलकसिंदूर में लगने वाला मेला इस वर्ष दो दिन रहेगा। पहले दिन अपेक्षाकृत कम श्रद्धालु पहुंचे हैं। बुधवार को अवकाश होने के कारण तिलकसिंूदर में भक्तों की अच्छी संख्या पहुंचने की उम्मीद की जा रही है। इस बार मेला 13 फरवरी को ही लग गया जबकि ज्यादातर लोग 14 को महाशिवरात्रि पर्व मान रहे हैं, सरकारी अवकाश भी 14 फरवरी को ही है। यही कारण है कि तिलकसिंदूर मेले में 14 को अधिक भीड़ होने की संभावना जतायी जा रही है।

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सड़कों पर नहीं रही भीड़
आमतौर पर तिलक सिंदूर मार्ग पर मेले के दौरान जाम लगने की बड़ी समस्या रहती है। पिछले वर्षों के अनुभव को देखते हुए इस बार प्रशासन ने परिस्थति से निबटने खासा इंतजाम कर रखा था। इटारसी से पुलिस ने स्टापर बड़ी संख्या में ले जाकर लगाए थे। यातायात प्रभारी विजयशंकर द्विवेदी के नेतृत्व में जमानी तिराहे से तिलकसिंदूर तक जगह-जगह यातायात अमला और डीआरपी लाइन से आया पुलिस बल व्यवस्था संभाल रहा था, लेकिन सड़कों पर उतनी संख्या में वाहन नहीं थे। श्रद्धालुओं की पिछले वर्षों में आने वाली संख्या को देखते हुए इस बार मार्ग को वन वे करने की योजना थी, लेकिन इसकी जरूरत ही नहीं पड़ी और एक ही मार्ग से ज्यादातर वाहन आए और गए। अलबत्ता ट्रालियों को खटामा मार्ग से निकाला गया था, क्योंकि सबसे अधिक जाम इनके कारण ही इस मार्ग पर लगता है।

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श्रद्धालुओं ने दूसरा रास्ता चुना
इटारसी से धरमकुंडी मार्ग का निर्माण कार्य चालू है, ऐसे में पूरी सड़क खोदी गई है, इस मार्ग पर वाहन चलाना काफी मुश्किल हो रहा है। इस समस्या से निजात पाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गोंचीतरोंदा गांव के बाद बरगद के पेड़ से नहर का रास्ता चुना तो ज्यादातर भक्तों ने नयायार्ड होकर ग्राम भट्टी के भीतर से होकर छोटी नहर का रास्ता चुना जिससे वे सीधे जमानी पहुंचे और फिर मुख्य तिलकसिंदूर मार्ग को चुना। पहले दिन इस मार्ग पर सैंकड़ों दुपहिया वाहन और ट्रैक्टर-ट्राली चालक निकले। ग्राम जमानी के हेमंत दुबे बताते हैं कि मेले के दौरान जमानी तिराहे पर जहां से तिलकसिंदूर जाते हैं, भक्तों की भारी भीड़ होती है और ग्राम के दुकानदारों को इस एक दिन अच्छा व्यापार मिल जाता है, आज इस तिराहे पर पिछले वर्षों की तुलना में तीस फीसदी भी भक्तों की संख्या नहीं थी।

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भंडारे में थी काफी भीड़
शिवशक्ति सेवा मंडल महाशिवरात्रि के मौके पर तिलक सिंदूर रोड पर स्थित ग्राम झालपा में फलाहर भंडारे का आयोजन किया। बड़ी संख्या में भक्तों ने यहां साबूदाना खिचड़ी, नमकीन म_ा, चाय का लुत्फ उठाया। मंडल के भारत भूषण लच्छू गांधी ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी बड़ी संख्या में भक्तों के लिए फलाहारी भंडारे की व्यवस्था की है। इस वर्ष 16 वे वर्ष में भंडारे का आयोजन हुआ। समिति हर वर्ष महाशिवरात्रि पर ग्राम झालपा में मार्ग पर साबूदाना खिचड़ी, नमकीन म_ा, चाय उपलब्ध कराती है, साथ ही वाहनों के लिए हवा, पंक्चर सुधारने की व्यवस्था के अलावा मेडिकल सुविधा भी उपलब्ध कराती है।

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