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स्वसहायता समूहों की आधा सैंकड़ा महिलाएं पहुंची थाने

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सुपरवायजरों द्वारा परेशान करने का लगाया आरोप
इटारसी। शहर में चल रहे माइक्रो फायनेंस कंपनी के सुपरवायजरों की रोज-रोज घर पर दस्तक और कथित दबाव से परेशान स्वसहायता समूह की महिलाओं ने पुलिस से मदद की गुहार लगायी है। विभिन्न समूहों की करीब आधा दर्जन महिलाओं ने आज पुलिस थाने पहुंचकर पुलिस से सुपरवायजरों से आए दिन होने वाले विवाद से मुक्ति दिलाने की मांग की है। पुलिस ने महिलाओं की शिकायत सुनकर उचित कार्रवाही का आश्वासन देकर रवाना कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि माइक्रो फायनेंस कंपनी ने शहरभर में महिलाओं के दर्जनों स्वसहायता समूहों को ऋण दिया है। कंपनियों के सुपरवायजर सुबह से शाम तक महिलाओं के घरों में राशि जमा कराने चक्कर लगाते हैं। ये सुपरवायजर महिलाओं पर पैसे जमा करने के लिए दबाव भी बनाते हैं। इससे कई बार महिलाओं और इनके बीच विवाद भी हो जाता है। अब तो आलम यह है कि इसमें समूह की महिलाओं में भी आपस में विवाद होने लगे हैं। सुपरवायजरों के दिनभर में कई-कई चक्करों और दबावों से परेशान मालवीयगंज क्षेत्र के कई समूहों की करीब आधा सैंकड़ा महिलाओं ने आज पुलिस थाने पहुंचकर कहा कि सुपरवायजर ब्याज का पैसे देने के लिए दबाव बनाते हैं और अभद्रता भी करते हैं। इससे महिलाओं को मानसिक पीड़ा होती है और आपस में भी विवाद हो रहे हैं।
गौरतलब है कि शहर में ऐसे सैंकड़ों स्वसहायता समूह हैं जिनसे जुड़ी महिलाओं ने माइक्रो फायनेंस कंपनी से रोजगार के लिए ऋण ले रखा है। कुछ समूह तो रोजगार कर रही हैं लेकिन ज्यादातर ने तो पैसे लेकर खर्च कर दिए हैं और अब वसूली के नाम पर बचती हैं। पैसा नहीं मिलने से कंपनी के सुपरवायजर सुबह, दोपहर शाम महिलाओं के घर चक्कर काटते हैं और कई मर्तबा विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है। शहर के मालवीयगंज में भी करीब आधा दर्जन स्वसहायता समूह हैं जिनमें शामिल महिलाओं ने माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से लोन लिया है। बताया जाता है कि इन कंपनियों से एक महिला ने करीब 20 से लेकर 30 हजार रुपए तक का लोन लिया था। महिलाओं को यह राशि दो साल में वापस करनी थी, जिस पर ब्याज भी देय है। पहले साल में महिलाओं को मूल राशि लौटाना थी और दूसरे साल में ब्याज की राशि वापस करना था। मूल राशि लौटाने के बाद जब महिलाओं की तरफ से लोन की किश्तें आना बंद हो गई तो फाइनेंस कंपनियों के सुपरवाइजरों ने महिलाओं से किश्तें समय पर देने की बात कही। जब ब्याज की राशि समय पर नहीं मिली तो सुपरवायजरों पर भी राशि वसूली के लिए कंपनी अधिकारियों का दबाव पड़ा और सुपरवायजरों ने भी इन महिलाओं पर दबाव बनाना शुरु कर दिया जिससे महिलाओं और सुपरवायजरों में पिछले दिनों विवाद हो गया। विवाद के बाद से माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के सुपरवाइजरों ने महिलाओं से किश्त की रकम जमा करने के लिए और दबाव बनाना शुरु कर दिया और एक दिन में कई-कई बार उनके घर पहुंचने लगे। इससे परेशान होकर महिलाएं सिटी थाने पहुंची और पुलिस को शिकायत की।
इनका कहना है…!
मालवीयगंज क्षेत्र के स्वसहायता समूहों की महिलाएं सुपरवायजरों द्वारा परेशान करने की शिकायत लेकर हमारे पास आयी थी। उनकी समस्या सुनी है, हमने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
भूपेंद्र मौर्य, नगर निरीक्षक

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