इटारसी। जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का परिणाम है कि अब लोग चुनाव बहिष्कार करने की चेतावनी तक देने लगे हैं। जहां चुनाव आयोग शत प्रतिशत निर्वाचन के लिए कई योजनाएं चला रहा है, लोगों को जागरुक किया जा रहा है। लेकिन, जनप्रतिनिधियों की अनदेखी और प्रशासन की उदासीनता से आमजन का विश्वास व्यवस्था से उठने लगा है। पिछले विधानसभा चुनाव में एक पूरे गांव सोमलवाड़ा ने मतदान का बहिष्कार किया था। कुछ दिन पूर्व ग्राम गोंची तरोंदा में युवाओं की टोली ने चुनाव बहिष्कार के पोस्टर चस्पा किये थे तो अब नेशनल हाईवे 69 किनारे रैसलपुर के कुछ युवाओं ने सभी चुनावों के बहिष्कार का एक पोस्टर लगाया है।
समस्त ग्रामवासी रैसलपुर के नाम से लगे इस पोस्टर में लिखा है कि मुख्य मार्ग से ग्राम पंचायत रैसलपुर को जोडऩे वाली यह सड़क दस वर्षों से बदहाल है, रोड नहीं बनी तो वोट नहीं। विरोध में संपूर्ण चुनाव का बहिष्कार। नीचे लिखा है कि एनएच 69 से ग्राम को जोडऩे वाले मार्ग को सीसी रोड बनायी जाए। रैसलपुर निवासी कपिल तोमर ने बताया कि चुनावों के वक्त वोट मांगने जो नेता आते हैं, कई वादे करते हैं। अब यह भी नहीं पता कि यह रोड किसके अंतर्गत आती है? कोई कहता है, मंडी की है तो कोई लोक निर्माण विभाग की बताता है। महज एक किलोमीटर की इस रोड को दस वर्ष हो गये, बदहाली किसी नेता को नहीं दिख रही है। हमने फैसला कर लिया है कि अभी हम करीब पचास परिवार हैं जो पांच सौ वोट प्रभावित कर सकत हैं, और करेंगे। आगे और ग्रामीणों को हम इस मुहिम में जोड़ रहे हैं, अधिक वोट भी प्रभावित कर सकते हैं। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत चुनाव सामने है, हमारी मुहिम इसी चुनाव से प्रारंभ हो जाएगी और यदि यह रोड नहीं बनती तो यह आगे विधानसभा और लोकसभा में भी जारी रहेगी।
उन्होंने बताया कि मार्ग की हालत खराब है, इससे बड़ी मात्रा में धूल उड़ती है, रोड किनारे रहने वालों को एलर्जी हो गयी है, हमेशा सर्दी-खांसी के मरीज बने रहते हैं।
हाईवे किनारे लगा चुनाव बहिष्कार का पोस्टर


Rohit Nage
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