इटारसी। कला साहित्य संस्कृत मंच द्वारा रंग पंचमी के पावन पर्व आयोजित अखिल भारतीय रंग तरंग कवि सम्मेलन में देशभर से आए कवियों ने अपनी ओज हास्य और देशभक्ति से भरी कविताओं से सैकड़ों काव्य रसिक श्रोताओं को रात्रि 1 बजे तक मंत्र मुग्ध कर करतल ध्वनि करने पर विवश कर दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका उपाध्यक्ष निर्मल सिंह राजपूत मंचासीन हुए एवं अध्यक्षता गीतकार कवि रामकिशोर नाविक ने की। स्वागत उद्बोधन कार्यक्रम संयोजक एवं नगर पालिका स्वास्थ्य सभापति राकेश जाधव ने किया।
कवि सम्मेलन का आरंभ गीत गजलकार चेतन जोशी कांटा फोड़ की रचना गांजा,चरस या भांग को पाने के वास्ते, लोगों मेरे शंकर का दुष्प्रचार मत करो। हास्य व्यंग गोविंद शर्मा, रंग लगाने वालों से प्रेम से रंग लगवाएं लेकिन रंग बदलने वालों से दूरी बनाएं। वीर रस विजय गिरी बारूद समस्तीपुर बिहार, कलम के सामने परमाणु बम भी टिक नहीं पाते, किसी हथियार से पैनी कलम की धार होती है।गीत गजलकार लता मानेकर जमशेदपुर झारखंड, उनके हृदय में राम होते हैं जो दंभ स्वार्थ को तजने वाले, करो राम सा काम,नाशकर अपने भीतर के रावण का। हास्य व्यंग सुनील समैया बीना, यह लोग सियासी है, सिर्फ यूज करेंगे क्यों ऐसे भिखारी के घर तू मांगने गया।
गीत गजल कार सतीश शमी पथरोटा, हमको अगर बिगड़ी हुई तकदीर गर बनाना है, तो पहले मां-बाप के चरणों में सर झुकाना है। हास्य व्यंग संदीप मदन गुरु बुधनी, दुख तकलीफ हताशा लालसा कुछ भी हो लाल की, अंतरयामी से कम नहीं पिता सब जान लेते हैं। रामकिशोर नाविक इटारसी, नैन अपने छुरी ना करो,देह में सुरसुरी ना करो, इन मसूड़ों की अरदास है, पपडिय़ां कुरकुरी ना करो। कवि सम्मेलन संचालन कर्ता बीके पटेल, जीवन के रास्ते पर चलना संभल संभल कर, उठाना बहुत है मुश्किल नजरों से गिर गए तो। संचालन राम चरण नामदेव ने किया एवं आभार समिति अध्यक्ष राजकुमार दुबे ने माना। कार्यक्रम को सफल बनाने में भगवान दास बेधड़क, अखिलेश दुबे राजेंद्र दुबे, सुनील दुबे, विजय राव नाईक, राजेश व्यास,रूपेंद्र सोलंकी, संदीप सोनकर, सुरेश कुमार चिमानिया का विशेष सराहनीय सहयोग रहा।
कार्यक्रम में 14 विशिष्ट सेवाभावी डॉ विनोद कुमार सीरिया, डॉक्टर पीएम पहारिया, गोपाल सिद्धवानी, अशोक अग्रवाल, रमेश चांडक, एडवोकेट रघुवंश पांडे, सुश्री श्री चंद्रप्रभा ठाकुर, नीरज सिंह चौहान, संदीप जैन, जाफर सिद्दीकी, मध्य प्रदेश रक्तदान सेवा ग्रुप कर भला तो हो भला ग्रुप एवं सेस्टो बाल खेल टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल पाने वाले वेदांत पटेल सम्मानित हुए।
16 स्थानीय कवियों रूपेंद्र गौर, गुलाब भूमरकर,आलोक शुक्ला, मदन तन्हाई, कमल पटेल, सतीश पाराशर, प्रमिला किरण, स्वर्णलता छैनिया, ममता बाजपेई, मोहम्मद आफाक, नीरज चौधरी भगवान दास बेधड़क, तरुण तिवारी तरुण, अविनेश चंद्रवंशी, विनय चौरे एवं विकास उपाध्याय को काव्यश्री सम्मान स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।








