इटारसी। शहर के मालवीयगंज इलाके में ऑनलाइन धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक व्यक्ति के बैंक खाते से ठगों ने धीरे-धीरे कर 2 लाख 84 हजार रुपए साफ कर दिए। पीडि़त को ठगी का अहसास तब हुआ जब वह बैंक से नकदी निकालने पहुंचे और उन्हें पता चला कि उनका खाता पूरी तरह खाली हो चुका है।
स्टेटमेंट देखा तो रह गए दंग
पीडि़त नरेंद्र सिंह 45, निवासी मालवीयगंज का एसबीआई बैंक की मुख्य शाखा में खाता है। 27 नवंबर को जब वे अपने भाई के साथ बैंक पहुंचे, तो कर्मचारियों ने बताया कि उनके खाते में जीरो बैलेंस है। घबराकर जब उन्होंने खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, तो पता चला कि ठगों ने 21 नवंबर से 26 नवंबर 2025 के बीच योजनाबद्ध तरीके से पूरी राशि निकाल ली है।
बिना ओटीपी और पिन के हुई ठगी
पीडि़त के अनुसार, उन्होंने न तो कोई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन किया था और न ही किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी या पिन साझा किया। ठगी की पूरी राशि एक मोबाइल नंबर 9893483742 से जुड़े अकाउंट में ट्रांसफर की गई है। सोमवार को पीडि़त की शिकायत पर इटारसी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उस संदिग्ध मोबाइल नंबर और बैंक ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड के आधार पर आरोपी की तलाश में जुट गई है।
साइबर सेल की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बिना जानकारी साझा किए खाते में सेंध कैसे लगी। साइबर विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अपने बैंक स्टेटमेंट की नियमित जांच करें और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। यदि आपके साथ ठगी होती है, तो तत्काल 1930 पर कॉल करें।
साइबर फ्रॉड से बचाव के महत्वपूर्ण टिप्स
- अपना पिन और ओटीपी साझा न करें – बैंक कभी भी आपसे फोन, मैसेज या ईमेल पर आपका पिन, पासवर्ड या ओटीपी नहीं मांगता। चाहे कोई खुद को बैंक मैनेजर ही क्यों न बताए, ये जानकारी कभी न दें।
- अज्ञात लिंक्स से बचें – व्हाट्सएप या एसएमएस पर आए लुभावने ऑफर्स या केवाईसी अपडेट के संदिग्ध लिंक्स पर क्लिक न करें। ये लिंक आपके फोन का एक्सेस ठगों को दे सकते हैं।
- अनजान कॉल्स पर स्क्रीन शेयर न करें – ठग अक्सर सहायता के नाम पर AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप डाउनलोड करवाते हैं। इससे वे आपके मोबाइल की स्क्रीन देख सकते हैं और आपके खाते से पैसे निकाल सकते हैं।
- सिम स्वैप पर नजऱ रखें – अगर आपके फोन का सिग्नल अचानक गायब हो जाए और लंबे समय तक न आए, तो तुरंत मोबाइल ऑपरेटर और बैंक से संपर्क करें। ठग आपके नंबर की डुप्लीकेट सिम निकलवाकर ओटीपी हासिल कर लेते हैं।
- नियमित पासवर्ड बदलें – अपने बैंकिंग ऐप और ईमेल का पासवर्ड हर 3-6 महीने में बदलते रहें। पासवर्ड में अक्षर, नंबर और स्पेशल कैरेक्टर का मिश्रण रखें।
- बायोमेट्रिक लॉक का उपयोग करें – आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिए होने वाली ठगी से बचने के लिए ”m-Aadhaar” ऐप के माध्यम से अपना Biometric Lock लगा कर रखें।
यदि ठगी हो जाए तो क्या करें?
- गोल्डन ऑवर (प्रथम 2 घंटे) : ठगी के पहले 1-2 घंटों के भीतर शिकायत करने पर पैसे वापस मिलने की संभावना सबसे अधिक होती है।
- हेल्पलाइन नंबर 1930 – तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
ऑनलाइन शिकायत : cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करें और ट्रांजैक्शन आईडी की जानकारी दें। - बैंक को सूचित करें – अपने बैंक को कॉल करके तुरंत खाता और कार्ड ब्लॉक करवाएं।








