इटारसी। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत के अंतर्गत ‘विश्व मलेरिया दिवस (World Malaria Day) के अवसर पर ‘भारत को मलेरिया मुक्त राष्ट्र बनाने के उपाय विषय पर कन्या महाविद्यालय में हुई। ऑनलाइन कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ डॉ. दीपक अहिरवार, प्राणीशास्त्र विभाग, होम साइंस कालेज, होशंगाबाद एवं हैदराबाद से होम्योपैथी विशेषज्ञ डॉ. आरती पांडेय व डॉ. अभिषेक सोनी ने कई महत्वपूर्ण जानकारी दी। प्राचार्य डॉ. आरएस मेहरा (Principal Dr. RS Mehra) ने बताया की विश्व की स्वास्थ्य समस्याओं में मलेरिया अभी भी एक गंभीर चुनौती है। पिछले दो दशकों में हुए तीव्र वैज्ञानिक विकास और मलेरिया के उन्मूलन के लिए चलाए वैश्विक कार्यक्रमों के बावजूद इस जानलेवा बीमारी के आंकड़ों में कमी तो आई है, लेकिन अभी भी इस पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जा सका है।
विशेषज्ञ डॉ. दीपक अहिरवार (Expert Dr. Deepak Ahirwar) ने बताया कि मलेरिया परजीवी प्लाज्मोडियम (Malaria parasite Plasmodium) से फैलने वाला रोग है, जिसका वाहक मादा एनाफिलीज मच्छर होता है। डॉ. आरती पाण्डेय ने बताया कि मलेरिया से बचाव का सबसे अच्छा उपाय है मच्छरदानी में सोना और घर के आसपास पानी जमा न होने देना। डॉ. अभिषेक सोनी ने बताया कि मलेरिया परजीवी विशेष रूप से लाल रक्त कणिकाओं (आरबीसी) को प्रभावित करता है जिससे शरीर में रक्त की कमी हो जाती है और मरीज कमजोर होता जाता हैं। समन्वयक डॉ. हरप्रीत रंधावा ने बताया कि इस वर्ष युवाओं को मुख्य भूमिका में रखते हुए ‘ड्रा द लाइन अगेंस्ट मलेरिया नाम से अभियान चलाया जायेगा। हमारा उद्देश्य 2030 तक देश को मलेरिया मुक्त बनाना है जिसके लिए सभी भारतवासी एकजुट होकर कार्य करें तो मलेरिया मुक्त राष्ट्र बनाने में सफलता अवश्य प्राप्त होगी। संयोजक, डॉ. संजय आर्य ने बताया कि इस वर्ष विश्व मलेरिया दिवस 2021 की थीम ‘जीरो मलेरिया स्टार्ट विद मी है जिसका अर्थ शून्य मलेरिया लक्ष्य तक पहुंचना है। डॉ. शिरीष परसाई ने कहा कि मलेरिया एक जानलेवा बीमारी है। इस बीमारी से पीडि़त व्यक्ति को यदि सही समय पर उचित इलाज तथा चिकित्सकीय सहायता न मिले तो यह जानलेवा सिद्ध हो सकती है। छात्रा शिखा यादव, खुशी लालवानी, पूर्वी राय, वैष्णवी सोनिया, ज्योति जायसवाल, शिवानी चंद्रवंशी, प्रियंका मालवीय, साक्षी यादव, मुस्कान मेहरा आदि ने भी विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर डॉ. कुमकुम जैन, मंजरी अवस्थी, डॉ. मुकेश कटकवार, डॉ. पुनीत सक्सेना, डॉ. शिखा गुप्ता, गुरुषा राठौर, सरिता मेहरा, राजेश कुशवाह शामिल हुए।










