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श्री दुर्गा नवग्रह मंदिर लक्कडग़ंज में पार्थिव शिवलिंग पूजन एवं रूद्राभिषेक प्रारंभ

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इटारसी। श्री दुर्गा नवग्रह मंदिर लक्कडग़ंज में सोमवार से प्रारंभ हुए पाथिव शिवलिंग एवं रूद्राभिषेक के अवसर पर यतेंद्र दुबे एवं नीतू दुबे ने यजमान के रूप में पूजन अर्चन किया। इनके अलावा नारायण सिंह भारती ने भगवान शिव के पार्थिव स्वरूप का पूजन अर्चन किया। सावन माह के दौरान सोमवार व्रत से भगवान शिव को प्रसन्न कर मनचाहा आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। व्यक्ति को मोक्ष पाने के लिए भगवान शिव की आराधना से बड़ी कोई आराधना नहीं है।
उक्त उद्गार पार्थिव शिवलिंग निर्माणकर्ता एवं मुख्य आचार्य पं. अतुल कृष्ण मिश्र ने दुर्गा नवग्रह मंदिर लक्कडगंज में पार्थिक शिवलिंग एवं रूद्राभिषेक के अवसर पर व्यक्त किए।
पं. अतुल कृष्ण मिश्र ने कहा कि सावन मास में आप भगवान शिव को आसानी से प्रसन्न कर सकते है। ऐसी मान्यता है कि भगवान षिव की आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि सावन माह में आने वाले प्रत्येक सोमवार को पूजा-पाठ और रूद्राभिषेक से विशेष लाभ मिलता है। सावन मास में शिव पुराण के अनुसार शिव उपासना करने वाले ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पानी में कुछ काले तिल डालकर स्नान करने से शरीर के कष्ट दूर होते हंै। स्नान के पश्चात भगवान शिव का अभिषेक निरंतर करना चाहिए।
श्री दुर्गा नवग्रह मंदिर में सोमवार से एक माह तक पार्थिव षिवलिंग पूजन एवं रूद्राभिषेक का आयोजन प्रारंभ हो गया। मुख्य आचार्य पं. अतुल कृष्ण मिश्र एवं आचार्य पं. सत्येंद्र पांडे एवं आचार्य पं. पीयूष पांडे ने सात नदियों के पवित्र जल और अरब सागर के जल में गाय का दूध मिलाकर पंचामृत स्नान कराया एवं विल्बपत्र, धूतरा के फल, चंदन, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवैध एवं फल चढ़ाए।

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