इटारसी। शुभ मुहूर्त में देवी स्थापना (Devi isthapna) के साथ शक्ति की भक्ति का पर्व आज से प्रारंभ हो गया है। आज सुबह से दुर्गा उत्सव (Durga Utsav) समितियों का काफी व्यस्त कार्यक्रम रहा। नगर में अनेक स्थानों पर देवी प्रतिमाओं के साथ शंकर, सरस्वती, महाकाली, साईंबाबा की मूर्तियां स्थापित की गईं और स्थापना का सिलसिला अभी देर रात तक चलने वाला है।
आज से आठ दिन चलने वाला नवरात्रि महोत्सव (Navratri Mahotsav) प्रारंभ हो गया है। इस बार एक तिथि क्षरण होने से नवरात्रि 9 की जगह 8 दिन का ही रहेगा। आज पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना का दिन रहा। लोगों ने देवी मंदिरों में सुबह से जाकर मां भगवती को जल अर्पण किया और पूजा की। मंदिरों में पूजन-पाठ हुए और भक्तों ने मां के नाम से उपवास प्रारंभ किया। किसी ने पूरे नौ दिन का उपवास रखा है तो कोई हर रोज शाम तक उपवास करेंगे।
नवग्रह मंदिर में हुई स्थापना
श्री दुर्गा नवग्रह मंदिर (Shri Durga Navagraha Temple) लकडग़ंज में 10 अक्टूबर रविवार से 14 अक्टूबर गुरुवार तक नृत्य एवं गरबा महोत्सव का आयोजन प्रतिदिन सायंकाल 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक किया है। समिति के अध्यक्ष प्रमोद पगारे ने बताया कि मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना महिषासुर मर्दिनी के रूप में हो चुकी है। इस वर्ष भी मोहल्ले के बच्चों के नृत्य कार्यक्रम होंगे एवं गरबा में यदि बड़ी टीमें आईं तो उनके गरबा महोत्सव का आयोजन होगा। नृत्य एवं गरबा के पंजीयन प्रारंभ हो चुके हैं जो भी भाग लेना चाहते हैं वे पंजीयन करा सकते हैं।
झांकियां सजायी जा रही हैं
शहर में अनेक स्थानों पर झांकियां तो सजायी जा रही हैं, लेकिन उन पर कोरोना का साया रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्सव समितियों को कोविड गाइड लाइन का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा। ऐसे में देवी प्रतिमा के स्थापना स्थल पर पूर्व वर्षों की तरह बहुत अधिक भीड़ दिखने की संभावना कम ही है। हालांकि भक्तों की आस्था किसी भी गाइड लाइन पर भारी ही पड़ती है। बावजूद इसके समितियां प्रयास कर रही हैं कि कोविड गाइड लाइन का पालन पूरी ईमानदारी से किया जाए।
शोर कम, लेकिन उत्साह दिखा
शहर में देवी स्थापना के लिए मूर्ति निर्माण स्थल ने दुर्गा उत्सव समितियों ने विभिन्न माध्यमों से देवी प्रतिमाएं लेकर गये। करीब आधा दर्जन स्थानों पर मूर्तियों का निर्माण चल रहा था। कोविड गाइड लाइन के कारण उत्सव समिति के सदस्यों ने शोर-शराबा कम किया, लेकिन उनके उत्साह में कहीं कोई कमी नहीं दिखी। कम संख्या में भी सदस्यों ने मां की शान में जमकर नारेबाजी की और स्थापना स्थल पर ले जाकर मां की मूर्ति स्थापित की। स्थापना का यह सिलसिला देर रात तक चलने की संभावना है।









