इटारसी। आजादी के अमृत महोत्सव अंतर्गत अखिल भारतीय साहित्य परिषद एवं संस्कार भारती जिला शाखा होशंगाबाद के संयुक्त तत्वावधान में मुंशी प्रेमचंद की देश भक्ति से ओत-प्रोत कहानी समर यात्रा का मंचन संस्कार मंडपम के मंच पर किया गया।
नाटक का निर्देशन प्रदेश के प्रख्यात रंगकर्मी कर्मवीर सिंह ने किया। नाटक देखते हुए, कलाकारों के प्रभाव शाली अभिनय पर दर्शकों ने भारी करतल ध्वनि से स्वागत कर भारत माता की जय के नारे लगाए। कार्यक्रम में राष्ट्रवादी विचारधारा के दर्शकों की भारी संख्या में उपस्थिति रही। गांधी महाविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ केएस उप्पल, कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ आरएस मेहरा, पूर्व प्राचार्य डॉ. श्रीराम निवारिया, संस्कार भारती के मनीष ठाकुर, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के जयप्रकाश अग्रवाल ने मां सरस्वती का पूजन अर्चन कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया।
नाटक के सूत्रधार बीके पटेल ने बताया कि समर यात्रा नाटक के भोपाल एवं दिल्ली में मंचन होने की संभावना है एवं आने वाले समय में रविन्द्र नाथ टैगोर की कहानी अंतिम प्यार का नाट्य रूपांतरण कर रंग कर्मी पवन पालीवाल के निर्देशन में मंचन किया जाएगा। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संघ के अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल ने होशंगाबाद जिले के अनाम स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के बारे में जानकारी दी एवं नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की गतिविधियों से अवगत कराने आयोजकों का आभार माना। डॉ केएस उप्पल ने आयोजकों की देश प्रेम की अलख जगाने वाले कार्यक्रम की सराहना करते हुए करते हुए नाटक के नवागत कलाकारों की हौसला अफजाई कर आशीर्वाद दिया।
नाटक में कोदई गांव के मुखिया के रूप में बृज किशोर पटेल, नोहरी काकी के रूप में अनमोल राठौर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नायक के रूप में नीरज सिंह चौहान एवं क्रूर पुलिस दरोगा के रूप में प्रियंक नागर के दमदार अभिनय को दर्शकों ने भारी करतल ध्वनि से सराहा। नाटक की समाप्ति पर, नाटक के 24 कलाकारों ने रंगमंच पर अभिनय का अवसर प्रदान करने एवं अभिनय प्रशिक्षण कार्यशाला के माध्यम से अभिनय कला में दक्ष करने आयोजन कर्ता टीम के सदस्यों बृज किशोर पटेल, राजकुमार दुबे, भगवानदास बेधड़क, शुभम पटेल का शाल श्रीफल से सम्मान किया। संचालन राजकुमार दुबे ने एवं आभार संस्कार भारती के रत्नेश साहू ने माना।
नाटक समाप्ति के उपरांत दर्शक दर्शकों ने नाटक के कलाकारों के पास पहुंचकर उनके दमदार अभिनय की सराहना करते हुए बधाई दी। दर्शक दीर्घा में हरदा जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी दंपत्ति स्व रामकिशन जलखरे एवं लक्ष्मी जलखरे के पुत्र शैलेंद्र जलखरे की विशेष उपस्थिति पर दर्शकों ने भारी करतल ध्वनि से स्वागत किया।
यादगार बना नाटक समर यात्रा का मंचन
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