श्री द्वारिकाधीश मंदिर से निकाला जाएगी बारात
नगर बनेगा बाराती, नाचते गाते पहुंचेंगे देवल मंदिर
साढ़े तीन दशक से चल रही है विवाह की यह परंपरा
इटारसी। श्रीपंचमी के अवसर पर पुरानी इटारसी के देवल मंदिर परिसर में आधा सैंकड़ा वर-वधु सात फेरे लेकर अपने दाम्पत्य जीवन की शुरुआत करेंगे। इस दिन श्री देवल मंदिर काली समिति (Shri Deval Mandir Kali Samiti) द्वारा भगवान श्रीराम और जानकी का विवाह कराया जाएगा और इसी मौके पर देश के विभिन्न अंचलों से आए वर-वधु भी परिणय आबद्ध होंगे। अब तक यहां 50 जोड़ों का पंजीयन हो चुका है तथा विवाह वाले दिन यानी कल 8 दिसंबर को यह संख्या और भी बढ़ जाने की संभावना है। श्री देवल मंदिर काली समिति के तत्वावधान में इस आयोजन विगत साढ़े तीन दशक से भी अधिक समय से चल रहा है। इसे समाज में व्याप्त दहेज प्रथा जैसी कुरीति को खत्म करने के उद्देश्य से प्रारंभ किया था।
भगवान का भी होता विवाह
श्रीपंचमी के अवसर पर भगवान श्रीराम (Lord Shri Ram) और माता जानकी का विवाह होता है और इसी दौरान नि:शुल्क सामाजिक विवाह में वर-वधु भी सात फेरे लेकर दाम्पत्य जीवन की शुरुआत करते हैं। समिति सभी जोड़ों को अपनी ओर से उपहार स्वरूप गृहस्थी का सामान, कपड़े, जेवर आदि देती है।
बड़े मंदिर से निकलेगी बारात
श्रीराम विवाह सह नि:शुल्क सामाजिक विवाह के अंतर्गत कल 8 दिसंबर बुधवार को श्री द्वारिकाधीश मंदिर से श्रीराम बारात के साथ ही नि:शुल्क सामूहिक विवाह में शामिल दूल्हों की भी बारात निकाली जाएगी। ढोल-ढमाकों के साथ बाराती नाचते-गाते देवल मंदिर पहुंचते हैं। यहां हिन्दू रीति-रिवाज से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सभी जोड़ों का पाणिग्रहण संस्कार संपन्न कराया जाता है। इस वर्ष यह आयोजन प्रारंभ हो गया है। कल 8 दिसंबर को सुबह से देर रात तक आयोजन होंगे। इस दौरान कन्याभोज, भंडारा और प्रवचन भी होंगे। शाम 6 बजे से श्री द्वारिकाधीश मंदिर से बारात निकाली जाएगी। 9 दिसंबर को सुबह सभी वर-वधुओं की विदाई की जाएगी।
देवी जागरण का आयोजन होगा
श्रीराम विवाह उत्सव (Shri Ram Vivah Utsav) के अंतर्गत मां के बेटे जागरण समिति के द्वारा देवी जागरण (Goddess Jagran) का आयोजन भी किया जाएगा। इस आयोजन में जागरण समिति संचालक आलोक शुक्ला और उनके साथी कलाकार भजनों की प्रस्तुति देंगे।









