भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) ने कहा है कि प्रदेश के हर ग्रामीण परिवार को साफ पेयजल उपलब्ध कराना जल-जीवन मिशन का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि अपनी भावी पीढ़ी के लिये पेयजल सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। मिशन के जरिये प्रदेश की ग्रामीण आबादी, खासकर आधी आबादी (महिला वर्ग) को पानी के लिये होने वाली कठिनाइयों से मुक्ति मिल रही है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (Public Health Engineering Department) और जल निगम निरंतर जल-प्रदाय योजनाओं (Water supply schemes) के माध्यम से ग्रामीण अंचल के हर घर तक जल पहुँचाने के काम को अंजाम दिया जा रहा है।
416 ग्रामों में शत-प्रतिशत नल कनेक्शन
मिशन में प्रदेश की करीब सवा करोड़ आबादी को उनके घर पर नल कनेक्शन से जल उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है। बीते करीब 17 माह में जल-जीवन मिशन में हुए कार्यों के फलस्वरूप प्रदेश के 45 लाख 26 हजार 600 ग्रामीण परिवारों तक पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की गई है। प्रदेश के 4016 ग्राम तो ऐसे हैं, जिनके शत-प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन से जल की व्यवस्था की जा चुकी है।
स्कूल और आँगनवाड़ी केन्द्रों में नल से जल
ग्रामीण अंचल में संचालित सभी स्कूलों और आँगनवाड़ी केन्द्रों को भी जल-जीवन मिशन में नल कनेक्शन के जरिये जल देना शामिल किया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में संचालित 94 हजार 812 स्कूलों में से 68 हजार 831 में और 66 हजार 63 आँगनवाड़ी केन्द्रों में से 40 हजार 431 में नल कनेक्शन से जल उपलब्ध करवाया जा चुका है।
जनजातीय बहुल विकासखण्ड प्राथमिकता में
मिशन की गाइड-लाइन के अनुसार प्रदेश के जनजातीय बहुल 20 जिलों के 89 विकासखण्ड की ग्रामीण आबादी को नल कनेक्शन के जरिये पेयजल उपलब्ध करवाना प्राथमिकता में है। अब तक जनजातीय बहुल क्षेत्रों में 42 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण परिवारों को जल-जीवन मिशन का लाभ दिया जा चुका है। मिशन में बनाई गईं जल-प्रदाय योजनाओं में जहाँ जल का स्रोत नहीं है, वहाँ नये जल-स्रोत का निर्माण किया जा रहा है।









