सलकनपुर/इटारसी। मंगलवार, 15 नवंबर को देवीधाम सलकनपुर के विजयासन मंदिर में हुई चोरी के आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनकी निशानदेही पर जंगल से नोटों से भरी बोरी बरामद की है। इन दो बोरियों में दस लाख से अधिक की राशि थी। आरोपियों के अनुसार उन्होंने अन्य बोरियों के रुपए भी इन दो बोरियों में खाली कर लिये थे।
बता दें कि पुलिस ने मध्य प्रदेश के सुप्रसिद्ध सलकनपुर मंदिर में हुई चोरी का खुलासा कर दिया है। बीते दिवस जंगल से मिली दो बोरियों के नोटों की गिनती मंदिर समिति की मौजूदगी में की गई। नोटों की गिनती पर कुल रकम 10 लाख 28 हजार 384 रुपये पाई गई। बदमाशों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उन्होंने दो बोरियों में सभी बोरियों के नोटों को भर लिया था और खाली बोरियां मंदिर के पास ही फेंक दी थीं। इधर मंदिर में चोरी मामले में सियासत भी जारी है, कांग्रेस चोरी की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर रही है।
सीहोर एसपी मयंक अवस्थी के अनुसार दो आरोपियों को गिरफ्तार कर नोटों से भरी दो बोरियां जब्त कर ली गई थीं। मंदिर के सीसीटीवी फुटेज में छह बोरियां चोरी होने की बात सामने आई थी। समिति की ओर से बताया गया था कि प्रत्येक बोरी में लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये एवं कुल रकम लगभग 10 लाख होना बताया गया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सभी बोरियों के नोट उन्होंने दो बोरियों में भर लिए थे और जंगल में छिपा दिए थे। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर दोनों बोरियां जब्त कर ली थीं। बोरियों के नोटों की गिनती मंदिर समिति के प्रतिनिधियों के सामने कराई गई। प्रतिनिधियों ने बोरियों को देखने का बाद बताया कि बोरी काफी बड़ी हैं और इनकी गांठ भी बदली हुई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
कांग्रेस ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा
कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने नेता प्रतिपक्ष गोविन्द सिंह की ओर से सलकनपुर मंदिर चोरी मामले में भोपाल में राज्यपाल को ज्ञापन दिया। पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल भोपाल पहुंचा था। ज्ञापन में बताया कि मंदिर समिति प्रबंधन द्वारा चढ़ावे का सोना-चांदी एवं दान पेटियों को खोलकर दान राशि की गणना कर बैंक में जमा न करना और कई दिनों तक बोरियों में रखना घोर लापरवाही एवं अनियमितता है। दान पेटी में प्राप्त दान को खोलने के बाद सीसीटीवी की निगरानी में तत्काल बाद गणना कर तत्काल जमा करने हेतु व्यवस्था बनाई जाए।
सफाईकर्मी रह चुके आरोपी
पुलिस ने जानकारी दी है कि कि मामले में गिरफ्तार एक आरोपी अनिल खरे आदमगढ़ बंगाली कॉलोनी में रहता है, जो मूलत: खातेगांव संदलपुर का मूल निवासी है। उसके दो बच्चे हैं। शादी के बाद से वह यहीं रह रहा है। वह रेलवे स्टेशन और जिला अस्पताल में सफाईकर्मी रह चुका है। वर्तमान में मजदूरी करता है। दूसरा आरोपी शुभम कटारिया सांगाखेड़ा का रहने वाला बताया गया है। वह भी सफाई का काम करता था। शुभम कटारिया अनिल का जीजा है। सलकनपुर का रहने वाला राहुल राठौर भी अनिल का जीजा है। पुलिस इन्हीं के परिवार के कुछ और लोगों से संदेह के आधार पर पूछताछ कर रही है। इधर अनिल की पत्नी का कहना है कि पति और रिश्तेदार को पुलिस झूठा फंसा रही है।
विजयासन मंदिर में चोरी का मामला: जंगल से मिलीं दो बोरियों में थे दस लाख रुपये

Rohit Nage
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