इटारसी। शासकीय भगवान बिरसा मुंडा महाविद्यालय सुखतवा (Government Lord Birsa Munda Mahavidyalaya Sukhtawa) में स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना (Swami Vivekananda Career Guidance Scheme) के अन्तर्गत रेशम उत्पादन (Sericulture) का 30 दिवसीय अल्पावधि रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण का उद्घाटन संस्था प्राचार्य श्रीमती कामधेनु पटोदिया (Principal Smt. Kamdhenu Patodiya) के संरक्षण और आरएस पचवारिया (RS Pachwaria) फील्ड ऑफिसर, कुटीर एवं ग्रामोद्योग (रेशम) विभाग, नर्मदापुरम, राजेन्द्र यादव (Rajendra Yadav), रेशम केन्द्र रेसलपाठा, सुखतवा के आतिथ्य में मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन, माल्यार्पण तथा पूजन से प्रारंभ किया गया।
यह प्रशिक्षण 14 फरवरी 2024 तक होगा। स्वागत उद्बोधन में प्राचार्य श्रीमती कामधेनु पटौदिया ने कहा कि यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों के लिए भविष्य में लाभदायक सिद्ध होगा तथा वे अपना स्वयं का प्रोजेक्ट स्थापित कर आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे। कार्यक्रम प्रभारी प्रो. उमेश कुमार पहाड़े ने स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना और अल्पावधि रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण की जानकारी दी। मुख्य अतिथि आरएस पचवारिया ने रेशम उत्पादन के सम्बंध में रेशम की खेती, कीट प्रबंधन, उत्पादन, मार्केटिंग एवं शासन द्वारा प्रदान किये जाने वाले अनुदान और योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने यह भी बताया की मालाखेड़ी केंद्र का रेशम विदेशों तक अपनी पहचान बना चुका है एवं साठ प्रतिशत रेशम की आपूर्ति यहां से होती है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थियों के साथ महाविद्यालय स्टॉफ से डॉ नीता राजपूत, डॉ हिमांशु चौरसिया, डॉ प्रवीण कुशवाह, डॉ वेद प्रकाश भारद्वाज, डॉ सौरभ तिवारी, डॉ पूर्णिमा अतुलकर, डॉ धीरज गुप्ता और श्रीमती संध्या उपाध्याय उपस्थित रहे। संचालन डॉ सतीश ठाकरे ने एवं आभार डॉ मंजू मालवीय ने किया।









