इटारसी। पश्चिम मध्य रेल द्वारा कोच और वैगनों का रूटीन ओवर हालिंग कर अधिक से अधिक पीओएच (पीरियोडिक ओवर हालिंग) आउटटर्न किया जा रहा है। पश्चिम मध्य रेल के अनुरक्षण डिपो में पिछले दस महीनों में अब तक अधिक से अधिक कोच-वैगनों का अनुरक्षण कर बेहतर प्रदर्शन किया गया है। इस वित्तीय वर्ष के अकेले जनवरी माह में सर्वाधिक रिकार्ड के साथ सीआरडब्लूएस-भोपाल ने निर्धारित लक्ष्य को पार करते हुए 131 कोच का यानी लगभग 23 प्रतिशत अधिक अनुरक्षण कर आउटटर्न किया।
इसी प्रकार डब्लूआरएस कोटा ने भी निर्धारित लक्ष्य को पार करते हुए 607 वैगनों का यानी लगभग 10 प्रतिशत अधिक अनुरक्षण कर आउटटर्न किया। चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल 2023 से जनवरी 2024 तक दस महीनों में कुल 6783 कोचों-वैगनों का पिरियोडीक ओवर हालिंग आउटटर्न किया, जिसमें सवारी डिब्बा पुर्ननिर्माण कारखाना भोपाल ने 1134 कोचों का अनुरक्षण, कोटा वर्कशाप ने 5649 वैगनों की मरम्मत कर आउटटर्न किया है। अकेले जनवरी माह की बात करें तो सीआरडब्लूएस भोपाल एवं डब्लूआरएस कोटा दोनों कारखानों में कुल 738 कोचों/वैगनों का पीरियोडिक ओवर हालिंग आउटटर्न किया। इस वित्तीय वर्ष में अब तक लक्ष्य से अधिक कोच-वैगनों का अनुरक्षण कर अच्छा प्रदर्शन किया गया है।
उल्लेखनीय है कि सीआरडब्लूएस भोपाल कोचों का पीओएच और डब्ल्यूआरएस कोटा वैगनों का पीओएच करती है। जहां पर वैगनों का पीओएच (पिरियोडीक ओवर हालिंग) 04-06 वर्ष में एक बार किया जाता है। कोच का पीओएच 12 से 18 महीनों में एक बार किया जाता है।
पीओएच में यह काम हुए
कोच और वैगन के बाडी और अंडर गियर की मरम्मत की जाती है, जिससे यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव दिया जा सके और परिचालन में संरक्षा सुनिश्चित की जा सके। कोचों और वैगनों के नीचे ट्रॉली, बोगी के सभी पाट्र्स की मरम्मत की जाती है, जो सरंक्षा की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है। एयर ब्रेक सिस्टम के सभी पार्ट एवं वैगनों और कोचों के दोनों ओर के बफर की मरम्मत की जाती है जिससे सरंक्षा में बढ़ोत्तरी एवं जर्क फ्री राइडिंग का अनुभव होता है। व्हील और एक्सल की मरम्मत एवं रखरखाव किया जाता है, जिससे सुरक्षा में इजाफा होता है।








