पेट की खेती, आज सेठ की खेती हो गई : दहिया

पेट की खेती, आज सेठ की खेती हो गई : दहिया

जैविक किसान गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन
इटारसी। ग्राम सेवा समिति निटाया और रोहना तथा जैविक खेती जन अभियान ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम पंचायत भवन जमानी में आज बुधवार को जैविक किसान गोष्ठी एवं ग्राम सेवा समिति का वार्षिक सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस दौरान जेएनकेव्हीए के कृषि वैज्ञानिकों ने भी अपने विभाग की प्रदर्शनी लगायी। हरदा की सोनतलाई के जैविक कृषक मनोज पटेल ने भी अपने खेत पर उत्पन्न अनाज प्रदर्शित किये।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि पद्मश्री सम्मान से सम्मानित बाबूलाल दाहिया, उपसंचालक कृषि जितेन्द्र सिंह, उप संचालक उद्यानिकी सत्येन्द्र सिंह तोमर, जेएनकेवी बनखेड़ी के वैज्ञानिक डॉ. बृजेश कुमार एवं डॉ. देवीदास पटेल, आत्मा के परियोजना संचालक एमएल दिलवारिया भी बतौर विशेष अतिथि उपस्थित रहेंगे। कृषकों और विशेषज्ञों ने उनके द्वारा खेती के संरक्षण के लिए किये जा रहे प्रयासों की एक लघु प्रदर्शनी भी लगाई। सुबह एक घंटे यहां किसान संगोष्ठी का आयोजन किया जिसमें किसानों ने विषय विशेषज्ञों से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।


संबोधित करते हुए पद्मश्री सम्मानित बाबूलाल दहिया ने कहा कि अनुभव जनित ज्ञान की खेती लंबे समय तक चली। इसके लिए जुताई, ढुलाई से लेकर दूध-दही कम्पोस्ट खाद आदि के लिए मनुष्य न सिर्फ जंगल से अनेक पशुओं को निकाल उनका उपयोग करने लगा बल्कि तब तक अनेक अन्नों को चिन्हित कर उनके गुण धर्म की भी जानकारी हासिल कर ली। लेकिन, आज हमारे किसान पेट की खेती से सेठी की खेती करने लगे हैं। आज अलग-अलग सेठो के पास किसान के उत्पादन का नब्बे प्रतिशत भाग चला जाता है। पेट की खेती से सेठ की खेती आते-आते हमारी खेती क्या-क्या कहर ढा रही है? किसी से छिपा नहीं है। हमारी प्राथमिकता जो कभी रोटी, कपड़ा, मकान हुआ करते थे वह अब विज्ञान का अभिशाप बन किस तरह हवा, पानी एवं भोजन का रूप ग्रहण कर चुके हंै? वह भी सभी को मालूम है। जो हमारा पशुधन कभी परिवार का अंग हुआ करता था वह अब किस तरह घर से बाहर हो चुका है?
उपसंचालक कृषि जितेन्द्र सिंह ने ग्राम सेवा समिति के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से बदलाव की उम्मीदें जागती हैं। उन्होंने कहा कि वे खुद किसान के बेटे हैं और किसानों की पीड़ा को जानते हैं। उपसंचालक ने इन दिनों चलाए जा रहे जिला प्रशासन के महत्वपूर्ण कार्यक्रम नरवाई नहीं जलाने की बात कहते हुए किसानों को इसके विकल्प भी बताये। कार्यक्रम को उप संचालक उद्यानिकी सत्येन्द्र सिंह तोमर और आत्मा परियोजना संचालक एमएल दिलवारिया ने संबोधित करते हुए अपने विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती कर रहे किसान मानसिंह गुर्जर, जैविक खेती करने वाले रूपसिंह राजपूत, मनोज पटेल सहित अन्य किसानों ने भी संबोधित किया।
इनको मिले पुरस्कार
जैविक खेती के लिए बाबू बनवारी लाल चौधरी स्मृति में अन्न स्वराज सम्मान हरदा जिले के सोनतलाई ग्राम निवासी मनोज पटेल को, जैविक खेती में नवाचार और ग्राम समृद्धि के लिए हरिदास मंजुल स्मृति ग्राम स्वराज सम्मान ग्राम ढाबा खुर्द की महिला कृषक प्रतीक्षा प्रतीक शर्मा को और कृषि एवं पर्यावरण लेखन में पं रविशंकर दुबे स्मृति सम्मान इटारसी के पत्रकार रोहित नागे को दिया। श्रीमती शर्मा का पुरस्कार उनके पति प्रतीक शर्मा ने ग्रहण किया। कार्यक्रम में ग्राम सेवा समिति के संरक्षक सुरेश दीवान, कश्मीर सिंह उप्पल, संयोजक हेमंत दुबे, संचालक डॉ.एनके चौधरी, संस्कार गौर, बाबू चौधरी, नन्हेंलाल भाटी, रामकृष्ण रघुवंशी, राजेश शामली सहित समिति के अनेक सदस्य उपस्थित थे।


अग्रिशमन टैंकर का प्रदर्शन
मध्यप्रदेश वीमन्स पोल्ट्री कंपनी लिमिटेड जमानी होशंगाबाद जिले को नरवाई की आग से बचाने के अपने अभियान में योगदान देते हुए जमानी में आयोजित होने वाली जैविक किसान गोष्ठी और सम्मान कार्यक्रम में एक अग्नि शमन टैंकर का प्रदर्शन भी किया। इस टैंकर में स्वचालित पंप लगा है। संस्थान में एक फायर ब्रिगेड फिलिंग पाइंट भी है जिसमें क्षेत्र में आपातकालीन स्थिति में 24 घंटे पानी भरने की सुविधा रहेगी।

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