होशंगाबाद। भारत सरकार के सेकेट्री श्री सोमनाथ पटनायक व संयुक्त सेकेट्री श्री अश्विनी कुमार ने शुक्रवार को जवाहरलाल नहेरू कृषि प्रक्षेत्र का भ्रमण किया। यह भ्रमण मुख्यत: प्रक्षेत्र में विकसित की गई गेहूं की विभिन्न किस्मों के बारे में जानने को लेकर किया गया। प्रमुख वेज्ञानिक गेहूं परियोजना श्री पी.सी. मिश्रा से श्री पटनायक एवं श्री अश्विनी कुमार ने प्रक्षेत्र में विकसित किये गये किस्म – किस्म की गेहूं की वैरायटी जैसे एचआई 1500, एमपी 3173, जीडब्लू 190, एमपी 3288, एमपी 1255, डीएल 8033, एमपी 3382, पीबीडब्लू 343, एलओके 1, एचआई 8498 आदि की विशेषताओ की विस्तार से जानकारी ली। इस अवसर पर जानकारी दी गई कि प्रक्षेत्र में 52 प्रकार के गेहूं को विकसित किया गया है। एमपी 1255 गेहूं की किस्म के बारे में बताया गया कि इसका उत्पादन बहुत अच्छा होता है यहां तक कि इसके आटे से पोष्टिक पास्ता भी बनाया जाता है। इससे पर्याप्त न्यूट्रेशन मिलता है। बताया गया कि प्रक्षेत्र में दुनिया की श्रेष्ठतम प्रजाति के गेहूं की किस्मे विकसित किये गये हैं। कुछ गेहूं की किस्म विदेशो में भी विकसित की गई है लेकिन उसे वहां अलग-अलग तरह की डिसिस भी उत्पन्न हो रही है किन्तु पवारखेड़ा की मिट्टी में तैयार किये गये गेहूं पूर्णत: अच्छी किस्म के हैं। श्री पटनायक ने ग्रेन बैंक का भी अवलोकन किया। बताया गया कि गेहूं की कुछ ऐसी प्रजाति भी विकसित की गई है जो एक या दो सिंचाई मांगती है। साथ ही कुछ ऐसे जिन्स भी है जो 40 डिग्री तापमान में भी प्रभावित नही होते हैं। भ्रमण के दौरान संचालक शिक्षण पी.के.मिश्रा, अधिष्ठाता पी.जी.सेटेडियो, डॉ.धीरेन्द्र खरे, डायरेक्टर एम.एल.मीना, पल्स डायरेक्टर ए.के.तिवारी, कृषि इंजीनियरिंग के डायरेक्टर श्री चौधरी, संयुक्त संचालक कृषि बी.एल.बिलैया, उप संचालक कृषि जे.एस.गूर्जर, परियोजना संचालक आत्मा एम.एल.दिलवरिया सहित कृषि विभाग के अधिकारीगण मौजूद थे।
क्या कहा भारत सरकार के अधिकारियों के दल ने
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