बाहरी लोगों की शहर में उपस्थिति पर चिंता जतायी
इटारसी। विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा ने आज अपने समर्थकों के साथ अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के कार्यालय में पहुंचकर उनको शहर की समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा और तीन दिन में ज्ञापन में उल्लेखित समस्याओं के निराकरण की मांग की। एसडीएम से चर्चा में उन्होंने शहर में आवारा मवेशी, बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण, पेयजल योजना की पाइप लाइन से शहर की सड़कें खुदने, प्रधानमंत्री आवास योजना में हितग्राहियों की सूची देने और अनाम व्यक्तियों द्वारा शहर में आकर महंगे किराये पर दुकान लेकर व्यवसाय करने की जांच करने की मांग की है।
गुरुवार को दोपहर करीब 12 बजे विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा ने एसडीओ राजस्व हरेन्द्र नारायण को उनके कार्यालय में जाकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान भाजपा के जिला मंत्री कल्पेश अग्रवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे, जगदीश मालवीय, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष जयकिशोर चौधरी, देवेन्द्र पटेल, आशीष मालवीय सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे।
ज्ञापन के दौरान ये चर्चा हुई
विधायक ने एसडीओ राजस्व से चर्चा में कहा कि शहर में सड़कों पर घूमने वाले मवेशी आमजन की जान के दुश्मन बन रहे हैं। 29 फरवरी को एक सांड ने एक व्यक्ति को उठाकर फैका जिससे उनकी जान चली गयी तो 4 मार्च को भी सूरजगंज में एक बुजुर्ग को एक गाय ने नाली में गिरा दिया और वे जख्मी हो गये। पहली घटना के बाद ही नगर पालिका चेत जाती तो दूसरी घटना नहीं होती। लेकिन, ऐसा लग रहा है कि अधिकारियों को नागरिकों की जान की फ्रिक्र नहीं है। दूसरा शहर में पाइप लाइन बिछाने के लिए पक्की सड़कों को बेरहमी से खोदा जा रहा है। इसके बाद उन नालियों को इस तरीके से भरा जा रहा है, जो दुर्घटना का सबब बन रहा है। वे स्वयं ठेकेदार से बात कर चुके हैं, सीएमओ को कह चुके हैं और स्वयं आपको भी चिट्टी लिखी है, लेकिन ऐसा लगता है कि प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
बाजार में अतिक्रमण
मीडिया से बातचीत में विधायक डॉ. शर्मा ने कहा कि बाजार क्षेत्र में बेखौफ अतिक्रमण बढ़ रहा है। बस स्टैंड और अन्य स्थानों पर नये-नये अतिक्रमण हो रहे हैं। दोनों पार्कों के पास अतिक्रमण है जिससे पार्क आने वालों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। कमला नेहरु पार्क के पास भी अतिक्रमण हो रहा है। पहले हमने पार्कों के पास से अतिक्रमण हटवाया था लेकिन, अब प्रशासन की अनदेखी के कारण अतिक्रमण फिर से होने लगा है। बस स्टैंड पर कोई उपाध्याय नाम से नयी दुकान खुल गयी है। अतिक्रमण कहकर शास्त्री जी का मकान तुड़वाया, चौपाटी तुड़वा दी और अब खुद टप रख रहे हैं। अधिकारी शहर की व्यवस्थाओं की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं जिससे शहर की व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो रही है। अधिकारी जांच के नाम पर लोगों को तंग कर रहे हैं, लेकिन बिगड़ी व्यवस्था को सुचारू बनाने में रुचि नहीं रहे।
सवा साल में एक ईंट नहीं लगी
विधायक ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार को आये सवा साल से ज्यादा का समय गुजर गया है और नगर पालिका में एसडीओ राजस्व हरेन्द्र नारायण को प्रशासक बने तीन महीने हो गये हैं, लेकिन शहर में विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं रखी गयी है। न्यास कालोनी बायपास पर मृत मवेशी आज भी फैके जा रहे हैं, जबकि जब ये प्रशासक नहीं थे तो इन्होंने स्वयं इस बात पर कहा था कि नगर पालिका के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज होना चाहिए। अब स्वयं प्रशासक बनकर बैठे हैं तो क्यों नहीं अपराधिक प्रकरण दर्ज कराते हैं। हम बैठे थे तो यह अपराध था और आप बैठे हैं तो यह अपराध नहीं है, क्या? तीन दिन में यदि इस व्यवस्था में बदलाव नहीं आया और न्यास कालोनी बायपास के पास मृत मवेशी फैकना बंद नहीं हुआ तो हम पुलिस स्टेशन जाकर अधिकारियों के खिलाफ अपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करायेंगे।
बाहरी लोगों की इनकम कितनी
विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा ने कहा कि देश इस वक्त बड़े खतरे से गुजर रहा है। ऐसे में हमें भी सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शहर में बाहरी लोग आकर महंगे किराये पर दुकानें ले रहे हैं, जबकि इन दुकानों में इनकी इतनी इनकम नहीं होती है। किराया देने के लिए आखिर इन लोगों के पास इतना पैसा कहां से जा रहा है, यह जांच करने का विषय है। विधायक ने हालांकि ऐसा कोई नाम का जिक्र नहीं किया लेकिन, एसडीओ राजस्व से कहा है कि वे इसके विषय में टेलीफोन पर चर्चा कर लेंगे। मीडिया से बात करने में उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों की गतिविधियां संदेह के दायरे में है, एक लाख रुपए महीने तक किराया दे रहे हैं। एक डॉक्टर नि:शुल्क इलाज कर रहा है और किराया 15 हजार रुपए महीने दे रहा है। दो कर्मचारी भी रखे हैं उनको वेतन कहां से दे रहा है। इतना पैसा आखिर कहां से आ रहा है।
वे लोग बहुत बहादुर हैं
विधायक से ज्ञापन के बिंदुओं पर बातचीत हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के 621 में से 378 हितग्राही पुन: पात्र हुये हैं। 384 पूर्व में पात्र थे। पूर्व में जो अपात्र कर दिये थे और अब पात्र हो गये, इससे जाहिर है, कि कहीं तो चूक हुई थी? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि चूक नहीं हुई थी बल्कि हितग्राहियों ने दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये थे, अब कर दिये हैं तो वे पात्र हो गये। और जो रहे हैं, वे भी यदि दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे तो उनमें से भी पात्र हो सकते हैं, बिना दस्तावेज हम किसी को पात्र नहीं कर सकते। पहले नपा ने सबको कर दिये थे, वे लोग बहादुर हैं। उनसे पूछा कि विधायक डॉ. शर्मा ने कहा है कि जब से आप आये हैं, व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गयी है, तो उन्होंने कहा, मुझे ऐसा नहीं लगता। बाहरी व्यक्तियों की उपस्थिति पर कहा कि संविधान देश में कहीं भी काम करने का अधिकार देता है, अपराधिक रिकार्ड नहीं होना चाहिए।










