इटारसी। शासकीय एमजीएम महाविद्यालय के हिंदी विभाग और भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में तुलसी जयंती धूमधाम से मनाई गई। प्राचार्य डॉ राकेश मेहता ने मानस के दोहा, चौपाई और सोरठा का सस्वर वाचन कर वातावरण को राममय बनाया। महाविद्यालय के हिंदी विभाग और भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में बाबा तुलसीदास का जन्मदिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया।
प्राचार्य डॉ राकेश मेहता, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ.अरविंद शर्मा, डॉ. रश्मि तिवारी, डॉ. ओपी शर्मा, श्रीमती सुशीला वरवड़े एवं डॉ मनीष कुमार चौरे ने तुलसीदास के चित्र पर माल्यार्पण और उनके समक्ष दीप प्रज्वलित कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं दुर्गा चौरे, रिचा चौरे, संजय चौरे, वर्षा चौधरी, यानुस बड़कुर, प्रगति कुमरे, सुष्मिता यादव, लिखिता सांगले, मुस्कान और महक यादव ने तुलसीदास जी के जीवन वृत पर प्रकाश डालते हुए रामचरितमानस के दोहा, चौपाई का पाठ किया।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. राकेश मेहता ने कहा कि रामचरितमानस, गोस्वामी तुलसीदास द्वारा 16 वीं शताब्दी में रचित एक महाकाव्य है, जो न केवल एक धार्मिक ग्रंथ है, बल्कि एक सामाजिक ग्रंथ भी है। भारतीय संस्कृति की आत्मा कहे जाने वाले इस ग्रंथ में दोहा,चौपाई, सोरठ, छप्पय, कवित छंदों का प्रयोग किया है, जिनकी मात्राओं की संख्या निश्चित होती है।
इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों को न केवल दोहा, चौपाई, सोरठा, कवित्त छंद आदि की जानकारी बल्कि हिंदी के प्रत्यय, उपसर्ग, समास, मुहावरे, लोकोक्तियां को सीखने समझने बल्कि हिंदू धर्म के महान ग्रंथों को पढऩे और जीवन में उतारने के लिए आह्नान किया। संचालन हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ.मनीष कुमार चौरे ने किया।








