पिपरिया। पुलिस ने महिलाओं से समूह के पैसे वसूल करके बैंक में जमा नहीं कर धोखाधड़ी करने वाला फरार आरोपी कमल फिनकॉप लिमिटेड के कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में 16 जुलाई को महिलाओं की शिकायत पर प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था।
यह था मामला
पीडि़त महिलाओं ने बताया कि हमने कमल फिनकॉप लिमिटेड पिपरिया से समूह लोन लिया था। बैंक मैनेजर विकास नवेरिया ने उनके घर आकर प्रलोभन दिया कि लोन की शेष राशि जमा कर दो तो उसके एवज में ज्यादा लोन दिलवा देगा। महिलाओं ने विकास की बातों पर विश्वास करके पैसे दे दिये, जो उसने कंपनी में जमा न करके निजी उपयोग में ले लिये और बैंक के ऑडिट के समय बिना बताये लापता हो गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश
एसपी गुरकरन सिंह, एएसपी अशुतोष मिश्र एवं एसडीओपी मोहित कुमार यादव के दिशा निर्देशन, पुलिस मुख्यालय भोपाल के फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु विशेष अभियान अंतर्गत पिपरिया पुलिस का अभियान चल रहा है। इसी के तहत 18 मार्च 2025 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय नर्मदापुरम स विकास नवेरिया के विरुद्ध कमल फिनकॉप लिमिटेड बैंक पिपरिया से धोखाधड़ी करने संबंधी एक लिखित आवेदन पत्र प्राप्त हुआ। जांच पर विकास के विरुद्ध बैंक एवं महिलाओं से धोखाधड़ी करने पर प्रकरण कायम किया।
कई जगह तलाश
आरोपी विकास नवेरिया घटना के उपरांत फरार था, जिसकी लगातार तलाश भोपाल, मंडीद्वीप, बेलखेड़ा, जबलपुर में की जा रही थी। 17 अगस्त 2025 को मुखबिरों से सूचना प्राप्त हुई कि विकास अपने घर ग्राम बेलखेड़ा आया है। तत्काल थाना निरीक्षक गिरीश त्रिपाठी नेतृत्व में टीम गठन कर उपनिरीक्षक मानिक सिंह बट्टी, प्रधान आरक्षक अरुण जुदेव, आरक्षक मोहसीन खान,क्रांति सिंह राजपूत और गणेश मिश्रा थाना बेलखेड़ा को शामिल किया। विकास पुलिस टीम को उसके घर नहीं मिला और फरार होने की फिराक में था जिसे स्थानीय पुलिस की मदद से हाइवे से घेराबंदी कर अभिरक्षा में लिया। उसे वैधानिक कार्यवाही कर गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया।









