इटारसी। इटारसी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सर्प दंश की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले 15 दिनों में तीसरा मामला सामने आया है, जिसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
ताजा घटना इटारसी से करीब 18 किलोमीटर दूर बिछुआ गांव की है। मंगलवार सुबह 8 बजे, 30 वर्षीय अंजलि कहार को घर की सफाई करते समय एक जहरीले कोबरा सांप ने काट लिया। सर्प दंश के बाद, परिवार और स्थानीय लोग उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने लगे, जिससे उनकी हालत और भी बिगड़ गई।
जब स्थिति गंभीर हुई, तो इटारसी के रहवासी अभय कहार ने तुरंत सर्पमित्र हर्ष प्रजापति से संपर्क किया। सर्पमित्र अभिजीत यादव के मार्गदर्शन में, अंजलि को बिना देर किए नर्मदापुरम के एक अस्पताल में पहुंचाया, जहां समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच सकी। अस्पताल में भर्ती अंजलि कहार की हालत पिछले 48 घंटों में काफी बेहतर हुई है।
रेस्क्यू कर सांप को जंगल में छोड़ा

घटना की जानकारी मिलने के बाद सर्पमित्रों की टीम बिछुआ गांव पहुंची और उस जहरीले कोबरा सांप को सफलतापूर्वक पकड़ा। रेस्क्यू के बाद, सांप को तवा नगर के जंगल में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। यह घटना एक बार फिर इस बात पर जोर देती है कि सर्प दंश के मामलों में झाड़-फूंक पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत मेडिकल सहायता लेना कितना जरूरी है। सर्पमित्रों की त्वरित कार्रवाई और सही समय पर लिए गए फैसले ने एक और जिंदगी बचा ली।









