इटारसी। विद्या भारती पूर्व छात्र परिषद के तत्वावधान में सरस्वती शिशु मंदिर के पूर्व छात्र इस वर्ष भी अपने शिक्षकों के सम्मान में एक अनूठा आयोजन कर रहे हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर लगातार छठे वर्ष ‘आचार्य दीदी सम्मान समारोह’ का आयोजन किया जा रहा है। इस बार यह गरिमामय समारोह सतपुड़ा की पहाडिय़ों में स्थित दर्शनीय धार्मिक स्थल तिलक सिंदूर में आयोजित होगा।
प्राकृतिक सौंदर्य के बीच गुरु-शिष्य का मिलन
कार्यक्रम के संयोजक टीम के सदस्य प्रदीप गौर ने बताया कि इस बार पूर्व छात्रों ने कार्यक्रम के लिए तिलक सिंदूर को चुना है, जिसका प्राकृतिक सौंदर्य इन दिनों अपने चरम पर है। पूर्व छात्रों का मानना है कि इस धार्मिक और मनोरम स्थल पर भगवान शिव का पूजन करने के बाद अपने गुरुजनों का सम्मान करना एक विशेष अनुभव होगा। इस समारोह में 20 से 25 साल पहले स्कूल से पढ़कर निकले छात्र-छात्राएं शामिल होंगे, जिनमें देश-विदेश में अपनी सेवाएं दे रहे पूर्व छात्र भी शामिल हैं। ये सभी अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों और विद्यालय को देते हैं।
लगभग 80 शिक्षकों का सम्मान और ‘आचार्य गौरव सम्मान’
इस विशेष अवसर पर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, इटारसी के लगभग 80 शिक्षकों का सम्मान किया जाएगा। इसमें वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों के साथ-साथ सेवानिवृत्त और पूर्व शिक्षक भी शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, आजीवन शिक्षण और संस्कार रोपण के लिए एक वरिष्ठ शिक्षक को दिए जाने वाले विशेष सम्मान, ‘आचार्य गौरव सम्मान वर्ष 2025’, से विद्यालय की सेवानिवृत्त आचार्य श्रीमती राकेश लता राजपूत को सम्मानित किया जाएगा।









