इटारसी। प्रशासन की उपेक्षा से परेशान होकर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से विस्थापित गांव सांकई-झालई के ग्रामीणों ने अपनी सड़क की मरम्मत खुद ही कर ली है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे कई बार एसडीएम और तहसीलदार को इस समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा उन्हें कुछ नहीं मिला।
प्रशासन की इस बेरुखी से नाराज ग्रामीणों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। अधिकारियों ने नहीं की सुध ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने एक हफ्ते पहले ही तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर सड़क की खराब हालत के बारे में बताया था। तब तहसीलदार ने गांव आकर निरीक्षण करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। प्रशासन की ओर से कोई मदद न मिलने पर गांव के युवाओं ने खुद ही फावड़े उठाकर सड़क की मरम्मत का काम शुरू कर दिया।
इस काम में दिनेश भलावी, सोनू मर्सकोले, सुनील भलावी, बज्जी मर्सकोले, स्नोर कुमरे, श्रीराम मरकाम, विकास भलावी, मिथुन भलावी, महेश मरकाम, चौहन भलावी, हरिश्चंद्र मरकाम, श्रीचंद्र मरकाम, विनिल भलावी सहित कई ग्रामीणों ने कड़ी मेहनत की।
आंदोलन की तैयारी में ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि वे अब इस उपेक्षा को और बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने प्रशासन को सीधे तौर पर चेतावनी दी है कि अगर उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। यह घटना प्रशासन के उन दावों पर सवालिया निशान लगाती है, जिनमें वे ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान की बात करते हैं।









