इटारसी। नर्मदापुरम जिले के आदिवासी समाज ने नवागत पुलिस अधीक्षक (एसपी) साईं कृष्ण एस. थोटा से मुलाकात की और उन्हें वन और आबकारी विभागों द्वारा किए जा रहे उत्पीडऩ की जानकारी दी। आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने एसपी का गुलदस्ता देकर स्वागत किया और जिले में उनका स्वागत किया।
आदिवासी विकास परिषद के सदस्यों ने एसपी को बताया कि वन विभाग के अधिकारी आदिवासी परिवारों को लगातार परेशान कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में केसला ब्लॉक के हिरण-चापड़ा गांव में हुई एक घटना का जिक्र किया, जहां वन विभाग ने एक युवक को कथित बाघ के शिकार के मामले में गांव से उठाया था। आरोप है कि विभाग के अधिकारियों ने उस युवक से कान पकड़कर उठक-बैठक लगवाई, जो कि बेहद अपमानजनक है।
प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि जब वे इन घटनाओं की शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने जाते हैं, तो थाना प्रभारी उनकी शिकायत लिखने से इनकार कर देते हैं। उन्होंने आबकारी विभाग द्वारा गरीब आदिवासी महिलाओं पर झूठे मामले दर्ज करने की भी शिकायत की। उन्होंने बताया कि आबकारी विभाग के लोग गांवों में जाकर गरीब महिलाओं पर आबकारी अधिनियम के तहत मामले बना रहे हैं, जिससे वे बहुत परेशान हैं।
दूसरी ओर, शहर के चौराहों पर खुलेआम शराब बेचने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती। आदिवासी समाज ने इन सभी समस्याओं पर एसपी से तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया। इस मुलाकात के दौरान, आदिवासी विकास परिषद के कार्यवाहक जिला अध्यक्ष बी.एल. इवेनी, जिला अध्यक्ष अरुण प्रधान, जिला उपाध्यक्ष सुरेश सरयाम, सचिव प्रथम सिंह उइके, ब्लॉक अध्यक्ष वीर सिंह बाडीवा, महेंद्र ठाकुर, मनोहर लाल, नवल सरेयाम और रमेश सल्लम सहित कई सदस्य मौजूद थे। उन्होंने एसपी से इन समस्याओं का समाधान निकालने की उम्मीद जताई है।









