इटारसी। आज रानी दुर्गावती तिराहा पर आदिवासी समाज के वीर योद्धाओं राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह का 168 वॉ बलिदान दिवस भावपूर्ण तरीके से मनाया गया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
युवा पार्षद राहुल प्रधान ने इस मौके पर उनके बलिदान को याद करते हुए बताया कि ये दोनों महान योद्धा 1857 की क्रांति में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले गढ़ा-मंडला और जबलपुर के गोंड राजवंश के वंशज थे। उन्होंने कहा कि इस राजवंश ने देश और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए पीढिय़ों तक संघर्ष किया। राहुल प्रधान ने रानी दुर्गावती और उनके पुत्र वीरनारायण के बलिदान का भी जिक्र किया, जिन्होंने अकबर की सेना से लड़ते हुए अपनी मातृभूमि के लिए प्राणों की आहुति दी थी।
आदिवासी नेता आकाश कुशराम ने कहा कि राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह का बलिदान युवा पीढ़ी के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने बताया कि समाज को ऐसे ही समर्पित विचारधारा की आवश्यकता है। कुशराम ने घोषणा की कि उनके बलिदान दिवस के अवसर पर समाजहित और जनहित के कार्यों के लिए एक नए संगठन की नींव रखी जा रही है। यह संगठन जनकल्याण और राष्ट्रहित के मुद्दों पर काम करेगा।
पूर्व सरपंच आशीष उइके ने बताया कि नए संगठन के विस्तार के लिए 21 सितंबर, रविवार को एक और बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में जिले भर के युवाओं को आमंत्रित कर कार्यकारिणी का विस्तार किया जाएगा और नियुक्तियां की जाएंगी।
इस श्रद्धांजलि सभा में सोनतलाई के उपसरपंच राघवेंद्र उइके, युवा समाजसेवी संजय युवने, विनोद बड़ीवा, सुनील परते, विवेक युवने, सुशील परते, राजकुमार, शिवलाल उइके, दिलीप सरयाम और अंकित इवने सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।









