इटारसी। जनपद पंचायत केसला से जुड़े लगभग 15 गांवों में चल रही विस्तार योजना के विरोध में सर्व आदिवासी समाज संगठन ने बड़ा आंदोलन करने का फैसला किया है। समाज का कहना है कि वे जंगल के मूल निवासी और रखवाले हैं, और विस्थापन के बाद भी सुविधाओं से वंचित रहते हैं।
संगठन के मीडिया प्रभारी विनोद वारिवा ने बताया कि आदिवासी समाज इस योजना का लगातार विरोध कर रहा है और इस संबंध में लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। अधिकांश आदिवासी परिवार पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करते हैं और उनका जंगल से गहरा संबंध है।
आदिवासी समाज के नेता फागराम सेलूकर और तारा वरकड़े ने बताया कि समाज में इस योजना को लेकर भारी आक्रोश है। उन्होंने बताया कि इस विरोध को मुखर करने के लिए 8 अक्टूबर 2025 को नर्मदापुरम जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
यह निर्णय हाल ही में छीतापुरा गांव में आयोजित समाज की बैठक में लिया गया है। इस विरोध प्रदर्शन में न सिर्फ नर्मदापुरम, बल्कि बैतूल और हरदा जिलों से भी बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल होंगे।
सर्व आदिवासी समाज संगठन ने तय किया है कि इस आंदोलन की तैयारी के लिए गांव-गांव प्रचार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस महत्वपूर्ण विरोध में हिस्सा ले सकें और अपनी आवाज सरकार तक पहुंचा सकें।









