इटारसी। रेलवे स्टेशन के सामने स्थित दक्षिणमुखी श्री हनुमान मंदिर के विस्थापन को लेकर चल रहे गतिरोध पर आखिरकार सद्भाव और सहयोग की जीत हुई है। स्थानीय प्रशासन ने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की सभी प्रमुख शर्तों को स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद विहिप ने मंदिर के स्थान परिवर्तन पर अपनी सहमति दे दी है।
इस सर्वसम्मत निर्णय से सकल हिंदू समाज में हर्ष और उल्लास का माहौल बन गया है, जो धार्मिक स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण समाधान की भावना को दर्शाता है। विश्व हिंदू परिषद पहले से ही इन्हीं मांगों पर कायम था, और प्रशासन द्वारा इन्हें स्वीकार किए जाने पर परिषद ने संतुष्टि व्यक्त करते हुए कहा कि, ‘देर आए पर दुरुस्त आए’। इस सहमति के बाद अब मंदिर विस्थापन से जुड़ा कोई विवाद शेष नहीं रह जाता है।
सहमति के प्रमुख बिंदु
यह महत्वपूर्ण सहमति स्थानीय विधायक डॉ.सीतासरन शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे, नगर मंडल अध्यक्ष राहुल चौरे और शासकीय विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में बनी।
सहमति के प्रमुख बिंदु
- दान पत्र : हनुमान दादा के नाम का दान पत्र लिख दिया गया है, जिसे उचित समय पर सार्वजनिक किया जाएगा।
- अतिक्रमण पर कार्रवाई : मंदिर के पीछे किए अतिक्रमण को हटाने के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं, और यह प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।
- नया मंदिर का नक्शा : नए हनुमान मंदिर का नक्शा प्रस्तुत किया गया है।
- संचालन समिति में भागीदारी : मंदिर संचालन समिति में विश्व हिंदू परिषद संगठन के लोगों को शामिल किया जाएगा। इसका अधिकार क्षेत्र स्थानीय तहसीलदार या अनुविभागीय अधिकारी के पास रहेगा।
- पारदर्शिता : मंदिर में होने वाले सभी संचालन कार्यों में पारदर्शिता बरती जाएगी।
- पीपल वृक्ष का संरक्षण : ब्रह्म वृक्ष पीपल को उसी स्थान पर रहने दिया जाएगा।
इस शांतिपूर्ण चर्चा में विश्व हिंदू परिषद की ओर से जिला मंत्री चेतन सिंह राजपूत, नगर उपाध्यक्ष अनिरुद्ध चंसोरिया, नगर मंत्री यश शर्मा एवं संगठन के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
इनका कहना है…
इस मामले में सौहाद्र्रपूर्ण चर्चा हुई। सभी मुद्दों पर सहमति बनी। जब भी प्राण-प्रतिष्ठा होगी, संबंधित संगठनों को साथ लेकर काम होगा। उनके सहयोग से ही भंडारा भी किया जाएगा। शहर हित में वे भी सहमत हुए, हम भी सहमत हुए। यह शहर की परंपरा के अनुरूप काम हुआ है।
डॉ.सीतासरन शर्मा, विधायक









