इटारसी। केसला ब्लाक की ग्राम पंचायत मोरपानी की सरपंच श्रीमती संगीता ठाकुर को रिसीव करने रेलवे स्टेशन पर कोई भी बड़ा अफसर नहीं पहुंचा। दिल्ली से बड़ा सम्मान लेकर लौटी मध्यप्रदेश से इस एकमात्र सरपंच के इस सम्मान को केसला जनपद के अधिकारियों सहित जिले के अधिकारियों ने भी नज़रअंदाज कर दिया है। आज सुबह तमिलनाडु एक्सप्रेस से इटारसी पहुंची संगीता ठाकुर का स्वागत करने इटारसी के कुछ सामाजिक संगठन के सदस्यों के अलावा मनरेगा के अधिकारी मनोज उईके, एडीओ जेपी दमाड़े, पंचायत सचिव प्रकाश उईके तो पहुंचे लेकिन उन्होंने भी एक बुके ले जाना उचित नहीं समझा। जनपद सदस्य मनोज गुलबाके और सामाजिक संगठन के सदस्यों ने ही ट्रेन से उतरने पर उनकी अगवानी की और स्वागत किया। इतना ही नहीं जनपद पंचायत केसला के सीईओ ने तो उनको इटारसी से केसला तक लाने के लिए वाहन तक नहीं भेजा। सम्मानित सरपंच पंचायत सचिव की बाइक पर बैठकर केसला गई हैं। इस तरह से दिल्ली में सम्मानित होकर लौटी सरपंच को अपनों ने ही नज़रअंदाज कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि मोरपानी की आदिवासी सरपंच संगीता ठाकुर को केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, पंचायत ग्रामीण राज्य मंत्री कृपाल सिंह यादव और पंचायत ग्रामीण विकास विभाग के सचिव अमरदीप सिन्हा ने वर्ष 2015-16 में मनरेगा के तहत हुए कामों और विकास के लिए सममानित किया है। केन्द्रीय सरकार ने एक सर्वे कराया था जिसमें संगीता ठाकुर के कामों को सराहा गया था। उन्हें देशभर की 260 सरपंचों के साथ दिल्ली बुलाया गया था। वे मध्यप्रदेश से एकमात्र सरपंच हैं जो इस सम्मान के लिए चुनी गई हैं। बावजूद इसके स्थानीय अधिकारियों ने उनकी इस उपलब्धि को नजरअंदाज किया है।
दिल्ली में मिला सम्मान, अपनों ने कर दिया नज़रअंदाज
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