इटारसी। किसान कांग्रेस के नर्मदापुरम जिला अध्यक्ष विजय बाबू चौधरी ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाली विशेष ग्राम सभाओं में किसानों से एकजुट होकर बड़ी अपील की है। उन्होंने सभी किसानों और नागरिकों से निवेदन किया है कि वे अपनी-अपनी ग्राम पंचायत की ग्राम सभा में अनिवार्य रूप से शामिल हों और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी दर्जा दिए जाने का महत्वपूर्ण मुद्दा उठाएं। चौधरी ने जोर देकर कहा कि ग्राम सभा में यह प्रस्ताव पारित किया जाए कि किसी भी फसल की खरीदी रूस्क्क से कम मूल्य पर नहीं की जाए।
MSP को कानूनी जामा क्यों?
जारी अपील में, विजय बाबू चौधरी ने बताया कि रूस्क्क को कानूनी दर्जा दिलाना किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच के समान है। इससे उनकी फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा और वे बिचौलियों के शोषण से बच सकेंगे। ग्राम सभा, किसानों के लिए अपनी बात रखने और अपनी समस्याओं पर सामूहिक रूप से चर्चा करने का एक महत्वपूर्ण मंच है।
मांगों को ग्राम सभा के एजेंडा में शामिल करने पर जोर
- MSP को कानूनी दर्जा : यह मुख्य मांग है कि MSP से कम पर खरीदी को गैरकानूनी घोषित किया जाए।
- बढ़ती लागत और MSP में वृद्धि : किसान अपनी फसलों की उत्पादन लागत में हो रही वृद्धि और उसके अनुसार MSP में वृद्धि न होने के मुद्दे को उठा सकते हैं।
- भुगतान की समस्याएं : किसानों को तय MSP पर भुगतान मिलने में देरी या अन्य किसी भी प्रकार की भुगतान संबंधी समस्याओं पर चर्चा की जानी चाहिए।
- सरकारी नीतियों पर चर्चा : MSP से जुड़ी सरकारी नीतियां, रूस्क्क के दायरे में आने वाली फसलें और MSP की राशि जैसे मुद्दों पर चर्चा करना महत्वपूर्ण है।
- सामूहिक रणनीति : अन्य किसानों के साथ मिलकर अपनी चिंताओं को सरकार तक पहुंचाने के लिए संयुक्त रणनीति बनाना।
ग्राम सभा में मुद्दा उठाने के फायदे
- सामूहिक आवाज : एक साथ कई किसानों की आवाज उठने से सरकार और संबंधित अधिकारियों पर दबाव बनता है।
- जागरूकता : इससे पूरे गांव के किसानों में रूस्क्क के बारे में जागरूकता फैलेगी और वे अपने अधिकारों के प्रति सचेत होंगे।
- स्थानीय समाधान : ग्राम सभा मिलकर अपनी समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर भी प्रयास कर सकती है।
विजय बाबू चौधरी ने किसानों से आग्रह किया है कि वे खेती से जुड़ी अन्य समस्याओं को भी इस एजेंडा में जोड़कर ग्राम सभा को एक प्रभावी मंच बनाएं ताकि किसानों के हित में ठोस कदम उठाए जा सकें।









