इटारसी। समीप के गांव हिरनखेड़ा की श्रीमती अमरीन खान ने स्व-सहायता समूह के माध्यम से अपने जीवन में अद्भुत परिवर्तन लाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। समूह से जुडऩे से पूर्व, श्रीमती खान अपने परिवार की छोटी-छोटी जरूरतों की पूर्ति के लिए दूसरों पर निर्भर रहती थीं।
वे गृहणी थीं तथा परिवार के अन्य सदस्य मजदूरी कार्य कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। एकता आजीविका स्व-सहायता समूह से जुडऩे के बाद श्रीमती खान ने विभिन्न चरणों में समूह से ऋण प्राप्त कर सिलाई मशीन खरीदी और सिलाई कार्य प्रारंभ किया। प्रारंभिक दिनों में आमदनी कम रही, किंतु समय के साथ उनके कार्य की मांग बढ़ी और सिलाई से उन्हें पर्याप्त आय प्राप्त होने लगी।
सिलाई कार्य में सफलता के बाद उन्होंने पुन: समूह से ऋण लेकर बकरी पालन प्रारंभ किया, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय का स्रोत मिला और परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। इसके बाद श्रीमती खान ने समूह से प्राप्त ऋण की सहायता से किराना दुकान स्थापित की, जिसमें वे अपने आजीविका उत्पादों के साथ-साथ अन्य ब्रांडेड उत्पादों का भी विक्रय करती हैं। इसके साथ ही उन्हें मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना का भी लाभ प्राप्त हो रहा है।









