इटारसी। मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान नहीं रोका है, बल्कि इसका कार्य प्रगति पर है। उन्होंने विरोध के कारण मीटर लगाने का कार्य रुकने जैसी खबर को तथ्यात्मक रूप से भ्रामक एवं गलत बताया।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर अभियान को उपभोक्ता विरोध के कारण नहीं रोका गया है, बल्कि समयसीमा के विस्तार का निर्णय भारत सरकार, विद्युत मंत्रालय द्वारा लिया गया था। भारत सरकार ने 16 जुलाई 2025 को जारी अधिसूचना के माध्यम से देशभर में स्मार्ट मीटर स्थापना की समयसीमा को 31 मार्च 2028 तक विस्तारित किया है। यह निर्णय पूरे देश में योजना के कार्यान्वयन को सुसंगत रूप से पूर्ण करने के लिए लिया गया है।
यह विस्तार RDSS योजना के अंतर्गत डिस्कॉम्स को दी जाने वाली सब्सिडी (900 रुपए प्रति मीटर अनुदान) की समयसीमा बढ़ाने से संबंधित है, जिसका उपभोक्ताओं के विरोध से कोई संबंध नहीं है। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने भी इसी अधिसूचना के अनुरूप राज्य में स्मार्ट मीटर स्थापना की समयसीमा को मार्च 2028 तक बढ़ाने की अनुमति दी है, ताकि परियोजना को सुचारू रूप से तथा चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
स्मार्ट मीटर परियोजना की वर्तमान स्थिति
डिस्कॉम ने आश्वस्त किया है कि स्मार्ट मीटर परियोजना पर कार्य पूर्ववत जारी है और यह उपभोक्ताओं के हित में निरंतर प्रगति पर है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुसार, अब डिस्कॉम्स द्वारा केवल स्मार्ट मीटर ही स्थापित किए जाने हैं—चाहे वह नए कनेक्शन हों या पुराने मीटरों के प्रतिस्थापन का मामला। यह भी स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर उपलब्ध न होने की स्थिति में, शहरी या ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थायी रूप से सामान्य मीटर लगाए जा सकते हैं, परंतु उन्हें बाद में स्मार्ट मीटर से प्रतिस्थापित किया जाएगा।
ये विशेषता बतायीं
- स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शिता, बिलिंग की सटीकता, शिकायतों में कमी, ऊर्जा प्रबंधन में सुविधा, और ऊर्जा दक्षता प्रदान करेगा।
- यदि कोई उपभोक्ता चेक मीटर लगाने हेतु आवेदन करता है, तो उसका तत्काल पालन किया जा रहा है। स्मार्ट मीटर परियोजना पूर्ण रूप से प्रगति पर है।









