इटारसी। प्रधान मुख्य वन संरक्षक, मध्य प्रदेश के कार्यालय से जारी एक पत्र ने नर्मदापुरम वनमंडल में ESIP योजना के तहत हुए कार्यों में बड़ी वित्तीय अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन का खुलासा किया है। यह मामला जनवरी से मार्च 2020 के दौरान हुए तालाब की खुदाई के कार्य से संबंधित है, जिसकी लागत 5.92 लाख रुपए थी।
कैग (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) द्वारा किए गए ऑडिट के बाद जारी इस विभागीय पत्र में वनमंडल अधिकारी (सामान्य), नर्मदापुरम को तीन कार्य बिन्दुओं पर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं।
मशीनों के उपयोग पर प्रतिबंध का उल्लंघन
पत्र के अनुसार, तालाब की खुदाई का कार्य मशीनों से कराया गया, जबकि प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख द्वारा दिनांक 01/01/2020 को जारी विभागीय निर्देशानुसार वन क्षेत्रों में मशीनों का प्रयोग प्रतिबंधित है। यह प्रतिबंध स्थानीय ग्रामीणों को श्रम के माध्यम से रोजगार प्रदान करने के उद्देश्य से लगाया गया था, जिसका उल्लंघन हुआ है।
ठेकेदार फर्म के बिल में त्रुटि
खुदाई का भुगतान केवल ब्राउजर के आधार पर किया गया, लेकिन संबंधित फर्म के बिल-संक्षेप (बिल समरी) में कटौती नहीं की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप कर (TDS) की कटौती अधूरी रह गई। कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग की दर अनुसूची के अनुसार निर्धारित दर 45 प्रति घन मीटर थी, लेकिन भुगतान 107 प्रति घन मीटर की दर से किया गया। इस अधिक भुगतान के कारण 3.44 रुपए लाख की अतिरिक्त राशि का व्यय दर्ज किया गया है।
कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कक्षा-ग्रीन इंडिया मिशन) ने नर्मदापुरम वनमंडल अधिकारी को इन सभी अनियमितताओं पर बिंदुवार, युक्तियुक्त अभिलेख सहित प्रति उत्तर कार्यालय में उपलब्ध कराने का कड़ा निर्देश दिया है। इस मामले में वन विभाग की एम्प्लॉई स्टेट इंश्योरेंस स्कीम योजना के तहत हुए विकास कार्यों की पारदर्शिता और वित्तीय प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।









