नर्मदापुरम। जिला नर्मदापुरम पुलिस ने ग्राम रोहना में हुए एक अंधे कत्ल की गुत्थी को 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने खुलासा किया है कि मृतक राजू धुर्वे की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसकी पत्नी सेवन्ती ने ही शराब पीकर लगातार मारपीट और प्रताडऩा से तंग आकर की थी।
रोहना में मिला था अज्ञात शव
07 अक्टूबर 2025 को थाना देहात, नर्मदापुरम में सूचना मिली थी कि ग्राम रोहना स्थित सुधीर चौहान के खेत (खलिहान) में धान के बीच एक अज्ञात शव औंधे मुंह पड़ा है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम साई कृष्णा एस थोटा ने त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। थाना प्रभारी देहात ने एफएसएल टीम, शासकीय फोटोग्राफर और बल के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा कार्यवाही पूरी की। जांच में मृतक की पहचान राजू धुर्वे, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम झिरपी, थाना सिराली, जिला हरदा के रूप में हुई। शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसकी शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में गले पर चोट और खून बहने से मृत्यु होना पाया गया।
पत्नी ने कबूला जुर्म
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि घटना के दिन मृतक की पत्नी सेवन्ती अपने बच्चों के साथ मायके गई थी। संदेह के आधार पर पुलिस ने सेवन्ती को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में सेवन्ती ने स्वीकार किया कि उसका पति शराब पीकर लगातार मारपीट करता था और बच्चों को भी प्रताडि़त करता था, जिससे परेशान होकर उसने घटना की रात दरांती से पति की हत्या कर दी। हत्या करने के बाद, आरोपी पत्नी ने शव को खेत में फेंक दिया। उसने खून के निशान व कपड़े धोकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की और बच्चों को लेकर मायके चली गई। पुलिस ने आरोपिया सेवन्ती के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दरांती, घटना के समय पहने कपड़े और मृतक के कपड़े जब्त कर लिए हैं। आरोपिया के विरुद्ध थाना देहात में अप क्र. 613/25 धारा 103 इजाफा 238 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।
पुलिस टीम की त्वरित कार्यवाही
यह संपूर्ण कार्यवाही पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम श्री साई कृष्णा एस. थोटा के मार्गदर्शन, अति. पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक राजन के निर्देशन एवं एसडीओपी नर्मदापुरम जितेन्द्र पाठक के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी देहात निरीक्षक सौरभ पांडे द्वारा टीम गठित कर की गई। इस खुलासे में एसडीओपी नर्मदापुरम जितेन्द्र पाठक, थाना प्रभारी देहात निरीक्षक सौरव पांडे, उपनिरीक्षक मोनिका गौर, सहायक उपनिरीक्षक प्रवीण शर्मा, दिनेश कुमार मेहरा, प्रधान आरक्षक मनोज सोनी, नवीन दुबे, आरक्षक पदमा, जितेन्द्र राजपूत, भूपेन्द्र, फोटोग्राफर बंटी चौहान एवं चालक संजय यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।









