इटारसी। वन्यजीव प्रेमियों का इंतजार खत्म हुआ! सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (स्ञ्जक्र) का प्रसिद्ध मढ़ई कोर क्षेत्र शनिवार से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। सुबह 6 बजे सफारी शुरू होने से पहले पारंपरिक पूजा-अर्चना की गई। इस बार उद्घाटन समारोह में एक अनूठा बदलाव देखने को मिला। एसटीआर प्रबंधन ने किसी अधिकारी से फीता कटवाने के बजाय मढ़ई के पास रहने वाली दो ग्रामीण बेटियों से फीता कटवाया, जिन्हें ‘सतपुड़ा साथी’ नाम दिया गया है।
‘सतपुड़ा साथी’ ने किया जंगल में प्रवेश
वन विभाग ने पर्यटन के क्षेत्र में नवाचार करते हुए आसपास के ग्रामीण अंचलों के लोगों को ‘सतपुड़ा साथी’ बनाया है। उद्घाटन के पहले दिन, इन्हीं ‘सतपुड़ा साथियों’ के 12 सदस्यों को जंगल सफारी के लिए भेजा गया। सहायक संचालक अंकित जामोद ने हरी झंडी दिखाकर इन साथियों को लेकर जाने वाली पहली जिप्सी को रवाना किया, जिसके बाद पर्यटकों की जिप्सियों को प्रवेश दिया गया। रेंजर राहुल उपाध्याय ने बताया कि पर्यटन की शुरुआत ‘सतपुड़ा साथियों’ से करके एक नया कदम उठाया गया है।
पर्यटकों का तिलक-माला से स्वागत

पहले दिन पर्यटन स्थल पर आने वाले सभी पर्यटकों का तिलक लगाकर और फूल-माला पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। बाघ देखने की उम्मीद, 28 जिप्सियों की बुकिंग सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में 70 से अधिक बाघ होने का अनुमान है, जो पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगे। पिछले साल भी देश-विदेश के पर्यटकों को कोर और बफर दोनों क्षेत्रों में बाघों के लगातार दीदार हुए थे। इसके अलावा, चीतल, सांभर, बारहसिंगा, बायसन, भालू, जंगली कुत्तों का समूह, और रंगीन पक्षी व तितलियों की प्रजातियां भी पर्यटकों को आकर्षित करेंगी। पहले दिन, 28 जिप्सियों की ऑनलाइन बुकिंग हुई है।
सुबह की शिफ्ट में 17 और दोपहर में 11 जिप्सियां
रेंजर उपाध्याय ने यह भी बताया कि ऑनलाइन के अलावा ऑफलाइन काउंटर से भी बुकिंग की गई है, जिसमें पहले पहुंचने वाले पर्यटकों को प्राथमिकता मिलेगी। बारिश के कारण देर से खुले गेट सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में प्रतिवर्ष 1 जुलाई से 30 सितंबर तक कोर क्षेत्र बंद रहता है। इस साल भारी बारिश के कारण चूरना के गेट 4 अक्टूबर को खुले थे, जबकि मढ़ई के गेट 11 अक्टूबर से खोले गए हैं। भारी बारिश के चलते मढ़ई के सभी रास्ते एक साथ नहीं खुल पाए हैं। क्षेत्र में अभी भी कई रास्तों पर कीचड़ है, जिसकी मरम्मत का काम चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी बीट पर पर्यटन बढऩे में थोड़ा समय लगेगा, इसलिए पर्यटकों को कुछ रास्तों के खुलने का अभी इंतजार करना पड़ेगा।









